108 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दो तूफानों का प्रहार, 10 लाख लोगों के लिए जारी हुआ हाई अलर्ट विश्व एक घंटा पहले 2
प्रशांत महासागर में उठे दो भीषण चक्रवाती तूफानों मेक्खला और हिगोस ने ताइवान और जापान में तबाही मचा दी है। इन तूफानों के कारण ताइवान में दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि जापान ने 10 लाख से अधिक नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी है।

प्रशांत महासागर में चक्रवाती तूफानों का तांडव

प्रशांत महासागर के ऊपर बने दो शक्तिशाली उष्णकटिबंधीय तूफानों ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना दिया है। मेक्खला और हिगोस नाम के ये दो जुड़वां तूफान ताइवान और जापान के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं। इन तूफानों की वजह से करीब 10,00,000 लोगों की जान पर बन आई है और प्रशासन ने युद्ध स्तर पर राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मेक्खला तूफान की तीव्रता भले ही थोड़ी कम हुई हो, लेकिन इसमें अभी भी 108 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलाने की क्षमता है, जो भारी तबाही का कारण बन सकती हैं। इन दो तूफानों के एक साथ सक्रिय होने से स्थिति बेहद विस्फोटक हो गई है और दोनों देशों में रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

ताइवान में मची तबाही और मौतों का आंकड़ा

इस दोहरे चक्रवाती सिस्टम का सबसे पहला और घातक असर ताइवान पर हुआ है। देश के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में हुई मूसलाधार बारिश ने बाढ़ और भूस्खलन को न्योता दे दिया है, जिससे पूरा द्वीप जलमग्न नजर आ रहा है। ताइवान के काऊशुंग शहर में बाढ़ के तेज बहाव में फंसने से एक 73 वर्षीय बुजुर्ग महिला की दुखद मौत हो गई है। वहीं, ह्सिनचू काउंटी में पानी से भरी एक कार के अंदर से 49 वर्षीय महिला का शव बरामद किया गया है। इसके अलावा, एक 65 वर्षीय बुजुर्ग अपने खेत पर काम करने के दौरान लापता हो गए हैं, जिनकी तलाश के लिए बचाव दल लगातार जुटे हुए हैं। ताइवान के पहाड़ी इलाकों में मलबे के बहाव की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बीते गुरुवार से अब तक कई क्षेत्रों में 88 सेंटीमीटर यानी 34.6 इंच तक रिकॉर्ड तोड़ वर्षा दर्ज की गई है, जिसने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।

जापान के लिए बढ़ा खतरा

ताइवान के बाद अब यह तूफान जापान के मुख्य द्वीपों क्यूशू, शिकोकू और होनशू की ओर बढ़ रहा है। टोक्यो, ओसाका और नागोया जैसे घने आबादी वाले शहर इस खतरे की सीधी जद में हैं। वैज्ञानिकों के लिए चिंता का बड़ा विषय यह है कि मेक्खला तूफान आगे बढ़ते हुए एक अन्य चक्रवात हिगोस के साथ टकरा सकता है। इस दुर्लभ वायुमंडलीय प्रक्रिया को फुजीवाड़ा इफेक्ट कहा जाता है। जब दो तूफान आपस में टकराते हैं, तो उनकी दिशा और शक्ति का पूर्वानुमान लगाना वैज्ञानिकों के लिए एक जटिल चुनौती बन जाता है, जिससे स्थिति और भी अनिश्चित हो जाती है।

10 लाख लोगों के लिए निकासी के निर्देश

जापान की फायर एंड डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी ने इस गंभीर आपदा को देखते हुए आपातकालीन कदम उठाए हैं। प्रशासन ने 10 लाख से अधिक निवासियों को अपने घर तुरंत खाली करने और सुरक्षित सरकारी शिविरों में शरण लेने की सख्त एडवाइजरी जारी की है। सरकारी प्रवक्ता मिनोरू किहारा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि आने वाले समय में आपदा स्तर की भारी बारिश होने की आशंका है। अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, कागोशिमा में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है, जबकि तीन अन्य लोगों को मामूली चोटें आई हैं। इसके साथ ही दर्जनों इमारतें बाढ़ के पानी में डूब चुकी हैं।

परिवहन और उद्योग जगत पर बड़ा असर

तूफान के कारण जापान की अर्थव्यवस्था और परिवहन व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। जापान एयरलाइंस और ऑल निप्पॉन एयरवेज ने ओकिनावा और कागोशिमा से आने-जाने वाली 120 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द कर दिया है। रेल सेवाओं को भी कई जगहों पर रोक दिया गया है। औद्योगिक क्षेत्र पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी टोयोटा ने क्यूशू स्थित अपने प्लांट में परिचालन पूरी तरह बंद कर दिया है। इसी तर्ज पर निसान ने भी अपनी मुख्य प्रोडक्शन लाइनों को अस्थायी तौर पर ठप रखने का फैसला किया है। क्योटो और ओसाका में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है, जिसके कारण स्थानीय प्रशासन ने ऊंचाई वाले इलाकों में रहने के निर्देश दिए हैं।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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