भारत चीन जैसा खतरा नहीं है, सिंगापुर के पूर्व विदेश मंत्री जॉर्ज येओ ने बताई बड़ी वजह भारत एक घंटा पहले 3
सिंगापुर के पूर्व विदेश मंत्री जॉर्ज येओ ने एक कार्यक्रम के दौरान भारत और चीन की तुलना करते हुए कहा कि भारत दुनिया के लिए किसी भी तरह का खतरा नहीं है। उन्होंने भारत की समावेशी संस्कृति और बाहरी दुनिया के साथ तालमेल की जमकर तारीफ की।

चीन और भारत के बीच तुलना पर चर्चा

सिंगापुर के पूर्व विदेश मंत्री जॉर्ज येओ ने हाल ही में भारत और चीन के वैश्विक प्रभाव की तुलना करते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि भारत किसी भी प्रमुख वैश्विक शक्ति के लिए वैसा खतरा नहीं है, जैसा कि चीन को देखा जाता है। यह बयान उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव के मंच से भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की मौजूदगी में दिया है। जॉर्ज येओ के अनुसार, भारत का लंबा सांस्कृतिक इतिहास और उसकी विविधता इसे दुनिया के लिए अधिक स्वीकार्य और सहज बनाती है।

भारत का खुलापन और भौगोलिक स्थिति

जॉर्ज येओ ने भारत की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत की भौगोलिक स्थिति और अलग-अलग संस्कृतियों के साथ सदियों से चले आ रहे पुराने संबंधों ने देश को वैश्विक स्तर पर एक खुला राष्ट्र बनाया है। उन्होंने कहा कि मैं ऐसा नहीं मानता कि विदेशी नागरिकों के लिए चीन को पूरी तरह से समझना आसान है। दूसरी ओर, भारत ऐतिहासिक रूप से एक ऐसा केंद्र रहा है जहां सदियों से हवाओं की दिशा के साथ-साथ लोगों, विचारों, मसालों और संस्कृतियों का निरंतर आदान-प्रदान होता रहा है। यही कारण है कि भारत आज इस पूरे क्षेत्र में मौजूद विविधता का एक सटीक प्रतिबिंब बन गया है।

दुनिया क्यों चाहती है भारत की प्रगति

अपने संबोधन में जॉर्ज येओ ने यह साफ किया कि भारत किसी भी बड़ी ताकत के लिए चुनौती या खतरा पेश नहीं करता है। उन्होंने कहा कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को बहुत ही संतुलित और सही स्थिति में रखा है, जिसके चलते विश्व के अन्य देश भी भारत की उन्नति और भलाई की कामना करते हैं। उन्होंने आगे जोड़ा कि दक्षिण-पूर्व एशिया, जापान, यूरोप और अमेरिका जैसे तमाम बड़े क्षेत्र और देश यह चाहते हैं कि भारत निरंतर तरक्की करे और वैश्विक पटल पर अच्छा प्रदर्शन करे।

विदेशी नागरिकों को भारत में मिलता है अपनापन

जॉर्ज येओ का मानना है कि भारत हिंद महासागर के तट पर बसी दुनिया की विविधता को पूरी तरह से समेटे हुए है। जो भी विदेशी भारत आते हैं, उन्हें यहां एक अलग किस्म का आराम और अपनापन महसूस होता है। उन्होंने संकेत दिया कि चीन में शायद बाहर से जाने वाले लोगों को ऐसी आत्मीयता का अनुभव न हो, क्योंकि वहां विदेशी लोगों को एक समान दिखने वाली बड़ी भीड़ में खुद को अलग-थलग महसूस हो सकता है। इसके विपरीत, भारत में हर किसी के लिए एक सहज माहौल है जहां लोग आसानी से अपना कंफर्ट जोन तलाश सकते हैं और घुल-मिल सकते हैं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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