TMC से निकाले गए हुमायूं कबीर का ममता बनर्जी को ऑफर— 'अपनी एक जीती सीट छोड़ दूंगा, उन्हें विधानसभा भेजूंगा' पश्चिम बंगाल 2 घंटे पहले 3
तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित हुमायूं कबीर ने दो विधानसभा सीटें जीतने के बाद कहा कि अगर ममता बनर्जी अनुरोध करें तो वह अपनी एक सीट छोड़कर उन्हें विधानसभा पहुंचाने को तैयार हैं।

तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित किए गए हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने एक अप्रत्याशित पेशकश रखी है। उनका कहना है कि अगर ममता चाहें तो वह अपनी जीती हुई एक सीट उन्हें सौंप सकते हैं, ताकि वे दोबारा विधानसभा में पहुंच सकें। गौरतलब है कि कबीर ने चुनाव से पहले तृणमूल को सत्ता से हटाने की अपील की थी, फिर खुद मैदान में उतरे और दो विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की। अब उन्होंने कहा है कि यदि ममता बनर्जी उनसे अनुरोध करेंगी तो वह अपनी एक जीती सीट छोड़ने को तैयार हैं।

हुमायूं कबीर ने जीती हैं दो सीटें

टीएमसी से निकाले जाने के बाद हुमायूं कबीर ने अपनी अलग पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी बनाई थी। इस विधानसभा चुनाव में उन्होंने मुर्शिदाबाद जिले की नौदा और रेजिनगर— इन दो सीटों से जीत हासिल की। कबीर बंगाल में अयोध्या की बाबरी मस्जिद की प्रतिकृति बनाने के वादे को लेकर चर्चा में आए थे, जिसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया था। अब पार्टी के इसी पूर्व नेता का ममता बनर्जी को विधानसभा में लौटने का रास्ता सुझाना एक विडंबनापूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। ममता बनर्जी ने कोलकाता की भबानीपुर सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन वे भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी से यह सीट हार गईं। हाल ही में हुए राज्य विधानसभा चुनावों में ममता की तृणमूल को करारी हार झेलनी पड़ी है।

रेजिनगर सीट छोड़ने को तैयार

कबीर ने स्पष्ट किया कि वे ममता बनर्जी को अपनी दूसरी सीट रेजिनगर देने के लिए तैयार हैं, जिस पर उनके पद छोड़ने के बाद उपचुनाव कराया जाएगा।

पीटीआई के अनुसार कबीर ने कहा, "अगर ममता बनर्जी मुझसे संपर्क करती हैं, तो मैं उन्हें रेजिनगर से विधानसभा भेज सकता हूं।" उन्होंने आगे कहा, "अगर वह नंदीग्राम से चुनाव लड़ती हैं, तो वह नहीं जीतेंगी। लेकिन अगर वह चाहें, तो मैं इस्तीफा दे दूंगा और अपने निर्वाचन क्षेत्र से उनकी जीत सुनिश्चित करूंगा।"

कबीर ने यह भी कहा, "आज ममता बनर्जी जिस स्थिति में हैं, उससे मुझे बहुत दुख होता है। आज मैं जो कुछ भी हूं, उन्हीं की वजह से हूं।" मुर्शिदाबाद में अपने प्रभाव पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, "हो सकता है कि अब कोई उनकी (ममता बनर्जी की) बात न सुने, लेकिन रेजिनगर में हुमायूं कबीर की बात ही अंतिम मानी जाती है।"

भबानीपुर और नंदीग्राम दोनों जगह मात

विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी इस समय विधायक नहीं हैं। राज्य विधानसभा में प्रवेश पाने के लिए उन्हें उपचुनाव जीतना होगा, और अभी तक यह तय नहीं है कि तृणमूल कांग्रेस में कौन उनके लिए अपनी सीट छोड़ेगा। चुनाव में मिली हार के बाद विपक्ष के नेता के चयन को लेकर पार्टी के भीतर गहरी फूट सामने आ गई है। तृणमूल के 60 विधायकों में से 58 विधायक सीपीएम से आए ऋतब्रता बनर्जी का समर्थन कर रहे हैं, जिन्हें अब पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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