मुश्क महल: हैदराबाद की अनमोल ऐतिहासिक धरोहर आज उपेक्षा की भेंट चढ़ रही है राष्ट्रीय राजनीति 3 घंटे पहले 6
17वीं सदी में बना हैदराबाद का मुश्क महल अपनी वास्तुकला के लिए मशहूर है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण आज यह खंडहर में तब्दील हो रहा है।

इतिहास की गवाह और दक्कनी वास्तुकला का प्रतीक

हैदराबाद में स्थित मुश्क महल कभी अपनी अनोखी पहचान के लिए मशहूर था, जिसका नाम कस्तूरी यानी मुश्क की महक से जुड़ा था। 17वीं शताब्दी के दौरान निर्मित यह इमारत कुतुब शाही काल की वास्तुकला का एक बेहतरीन नमूना मानी जाती है। ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार, इस महल का निर्माण मियां मुश्क ने करवाया था, जो अबुल हसन कुतुब शाह के दरबार में एक शक्तिशाली सैन्य कमांडर और प्रभावशाली व्यक्ति हुआ करते थे।

वर्तमान स्थिति और उपेक्षा का दर्द

यह दो मंजिला महल अपनी विशाल मेहराबों, पत्थरों पर की गई बारीक नक्काशी और सुंदर छज्जों के लिए जाना जाता है। हालांकि, आज के समय में यह अपनी बदहाली के आंसू रो रहा है। रखरखाव के अभाव में इसकी दीवारों में जगह-जगह दरारें आ चुकी हैं और ढांचा लगातार कमजोर होता जा रहा है। महल के चारों ओर उगी जंगली झाड़ियों ने इसकी खूबसूरती को पूरी तरह से ढंक लिया है।

संरक्षण की तत्काल आवश्यकता

विरासत प्रेमियों और विशेषज्ञों ने इस ऐतिहासिक धरोहर को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। जानकारों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने इसकी सुध नहीं ली और उचित जीर्णोद्धार कार्य शुरू नहीं कराया, तो आने वाली पीढ़ियां इस महान स्थापत्य कला को कभी नहीं देख पाएंगी। यह इमारत तेजी से अपने अस्तित्व को खोने की कगार पर खड़ी है, जिसे बचाना अत्यंत आवश्यक है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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