जीवनशैली
2 घंटे पहले
4
विचारों
कई लोगों को अक्सर ऐसा अनुभव होता है कि रात में बिना किसी शोर या अलार्म के उनकी आंख अचानक खुल जाती है। कभी यह 2 बजे होता है, कभी 3 बजे तो कभी सुबह होने से ठीक पहले। एक-दो बार ऐसा हो जाना पूरी तरह सामान्य है, लेकिन अगर यह सिलसिला बार-बार दोहराने लगे तो इसके पीछे सिर्फ नींद की गड़बड़ी नहीं, बल्कि शरीर और मन से जुड़े कुछ कारण भी हो सकते हैं।
नींद बीच में टूटना क्यों होता है
रात में नींद का बीच में टूट जाना एक आम समस्या है, मगर इसे हमेशा अनदेखा करना ठीक नहीं। हमारी नींद कई चरणों में पूरी होती है और रात के दौरान शरीर लगातार अलग-अलग प्रक्रियाओं से गुजरता रहता है। कई बार इन्हीं आंतरिक बदलावों के कारण व्यक्ति अचानक जाग उठता है।
दिनभर का तनाव और भावनात्मक दबाव
दिनभर की चिंता और तनाव रात में भी दिमाग को पूरी तरह शांत नहीं होने देते। जब मन किसी फिक्र, काम या भावनात्मक दबाव में उलझा रहता है, तो नींद हल्की रह जाती है। ऐसी स्थिति में जरा-सी हलचल भी व्यक्ति को जगा सकती है। कई लोगों को जागने के बाद दोबारा सोने में भी परेशानी होती है, क्योंकि दिमाग एक बार फिर सक्रिय हो जाता है।
नींद का प्राकृतिक चक्र
हर रात हमारी नींद गहरी और हल्की अवस्थाओं के बीच कई बार बदलती रहती है। जब शरीर हल्की नींद वाले चरण में पहुंचता है, तो जागने की आशंका थोड़ी बढ़ जाती है। कई बार व्यक्ति कुछ ही सेकंड के लिए जागता है, मगर सुबह उसे यह याद नहीं रहता। लेकिन जब यह जागना लंबा खिंच जाता है, तभी हमें महसूस होता है कि नींद टूट गई थी।
देर रात कैफीन या भारी भोजन
शाम या रात में अधिक चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक या बहुत भारी भोजन करने से भी नींद पर असर पड़ सकता है। कैफीन दिमाग को सतर्क बनाए रखता है, जबकि भारी खाना पाचन तंत्र को लंबे समय तक सक्रिय रखता है। इसका नतीजा रात के बीच में अचानक जाग जाने के रूप में सामने आ सकता है।
बार-बार बाथरूम जाने की जरूरत
कुछ लोगों की नींद इसलिए टूटती है क्योंकि उन्हें रात में पेशाब के लिए उठना पड़ता है। सोने से ठीक पहले अधिक पानी पीना या फिर कुछ स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां भी इसकी वजह बन सकती हैं।
कमरे का माहौल भी जिम्मेदार
बहुत अधिक गर्मी, ठंड, तेज रोशनी या शोर भी नींद को प्रभावित कर सकते हैं। भले ही व्यक्ति सो जाए, लेकिन ऐसे माहौल में नींद गहरी नहीं हो पाती और रात में बार-बार आंख खुलती रहती है।
कब लेनी चाहिए विशेषज्ञ की सलाह
अगर कई हफ्तों से लगातार नींद टूट रही हो, दिन में थकान महसूस होती हो, बहुत ज्यादा खर्राटे आते हों या सांस रुकने जैसी समस्या हो, तो किसी विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी हो सकता है। कई बार इसके पीछे स्लीप डिसऑर्डर भी कारण हो सकते हैं।
Comments
0 comment