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एक घंटा पहले
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विचारों
सुन्नपन को न करें अनदेखा
अक्सर काम के दौरान एक ही मुद्रा में काफी देर तक बैठे रहने से हमारे हाथ या पैर अचानक सुन्न पड़ जाते हैं। ऐसी स्थिति में खड़े होने में भी काफी परेशानी होती है। कई लोग इसे मामूली समझकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन बार-बार हाथ-पैर सुन्न होना किसी बड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है।
क्यों होता है अंगों में सुन्नपन?
फरीदाबाद के आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. चेतन शर्मा के मुताबिक, शरीर में पोषक तत्वों की कमी सुन्नपन का एक बड़ा कारण है। विशेष रूप से विटामिन बी12 और विटामिन डी की कमी होने पर नसें कमजोर होने लगती हैं। इसके अलावा, शरीर की किसी नस पर अधिक दबाव पड़ने या नर्व कंप्रेशन की स्थिति बनने पर भी अंगों में झुनझुनी या सुन्नता महसूस हो सकती है। यदि आपको यह समस्या बार-बार हो रही है, तो इसके वास्तविक कारण की जांच कराना बेहद जरूरी है।
आयुर्वेद के अनुसार प्रभावी उपाय
आयुर्वेद में इस समस्या से निजात पाने के लिए प्रभावित हिस्से की सिकाई और मालिश को अत्यंत लाभकारी बताया गया है। काले तिल का तेल सुन्नपन दूर करने में विशेष रूप से प्रभावी माना जाता है। यदि यह उपलब्ध न हो, तो आप सरसों के तेल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। प्रभावित अंग पर तेल से हल्के हाथों से मालिश करने से रक्त संचार बेहतर होता है और नसों को सक्रिय होने में काफी मदद मिलती है। नियमित रूप से मालिश करने पर आपको सुन्नपन की समस्या से धीरे-धीरे आराम मिल सकता है।
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