भारत
2 घंटे पहले
5
विचारों
देश के कई हिस्सों में बिगड़ेगा मौसम
भारतीय मौसम विभाग ने 6 सितंबर को देश के बड़े हिस्से में खराब मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान सहित कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश का अनुमान जताया गया है। विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में हवा की गति 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इस चेतावनी के बाद पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है, जबकि उत्तर और पूर्वी भारत की नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है।
भारी बारिश की मुख्य वजह
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे लगे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसी प्रणाली के चलते पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भी मौसम विभाग ने भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। इस दौरान आंधी-तूफान के साथ कुछ स्थानों पर ओले गिरने की संभावना है, जिससे खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है।
किन राज्यों में है खतरा
- दिल्ली में आज देर शाम तक तेज आंधी चलने और बारिश होने का पूर्वानुमान है, जहाँ हवाएं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।
- उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, सहारनपुर, प्रयागराज, गोरखपुर, कुशीनगर और लखनऊ जैसे जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है।
- बिहार के पटना, गया, जहानाबाद, बक्सर, रोहतास, पूर्णिया, भागलपुर, कटिहार, दरभंगा, सुपौल और सहरसा में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है।
- झारखंड, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में भी मौसम विभाग ने सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं, क्योंकि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की स्थिति बन सकती है।
- पश्चिम बंगाल और पंजाब में भी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
- राजस्थान के जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा, बूंदी और उदयपुर समेत अन्य जिलों में भारी बारिश की संभावना है।
- मध्य प्रदेश के इंदौर, सागर, विदिशा, कटनी, दमोह, खरगोन और खंडवा जिलों में भी आंधी-तूफान के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है।
आम जनता को सलाह दी गई है कि इस तरह के खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या खुले मैदानों में जाने से बचें।
Comments
0 comment