जीवनशैली
एक घंटा पहले
3
विचारों
मानसून और खानपान का गहरा रिश्ता
बरसात का मौसम आते ही वातावरण में नमी बढ़ जाती है और खानपान की आदतों में भी बदलाव आने लगते हैं। छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में हरी भाजी का सेवन काफी लोकप्रिय है और लगभग हर रसोई में इसका स्वाद लिया जाता है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञ और चिकित्सक इस दौरान भाजी के सेवन को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं। बारिश में उगने वाली या बाजार में मिलने वाली हरी पत्तेदार सब्जियां संक्रमण का वाहक बन सकती हैं।
क्यों बढ़ जाता है संक्रमण का खतरा
जमीन के काफी करीब उगने वाली भाजियां बारिश के पानी के संपर्क में आने से जल्दी दूषित हो जाती हैं। अक्सर सड़कों के किनारे या खेतों में पानी जमा होने के कारण कीचड़ और गंदगी इन सब्जियों तक पहुंच जाती है। बिलासपुर स्थित गवर्नमेंट आयुर्वेद डिस्पेंसरी, जूनियर लाइन की आयुर्वेद मेडिकल ऑफिसर डॉ. आस्था मिश्रा का कहना है कि बरसात में किसी भी प्रकार की कच्ची या अधपकी सब्जी का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जाता। रुके हुए पानी में पनपने वाले बैक्टीरिया और वायरस इन सब्जियों को आसानी से संक्रमित कर सकते हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चुनौतियां सामने आ सकती हैं।
स्वास्थ्य पर पड़ सकते हैं ये बुरे प्रभाव
यदि आप बरसात के दौरान बिना सावधानी के भाजी का सेवन करते हैं, तो आपका पाचन तंत्र पूरी तरह बिगड़ सकता है। संक्रमित सब्जियों के कारण होने वाली प्रमुख समस्याओं में निम्नलिखित शामिल हैं:
- पेट से जुड़ी गंभीर समस्याएं जैसे डायरिया या अतिसार।
- बार-बार उल्टी आना और जी मिचलाना।
- भोजन के पचने में कठिनाई या अपच की शिकायत।
- शरीर में संक्रमण फैलने का खतरा।
डॉ. आस्था मिश्रा के मुताबिक, खराब पाचन तंत्र शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी कमजोर कर देता है, जिससे बारिश के दौरान होने वाली अन्य बीमारियां भी आसानी से शरीर को जकड़ सकती हैं।
भाजी को सुरक्षित तरीके से खाने के उपाय
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून में भाजी को पूरी तरह बंद करना ही एकमात्र विकल्प नहीं है। यदि कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए, तो संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। भाजी को पकाते समय इन निर्देशों का पालन करना चाहिए:
- सब्जियों को एक-एक पत्ते को अलग करके अच्छी तरह साफ करें।
- भाजी को साफ करने के बाद उसे गुनगुने या गर्म पानी में नमक मिलाकर कुछ देर के लिए छोड़ दें।
- सफाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सब्जी को अत्यधिक आंच पर अच्छी तरह पकाएं।
- कच्ची सलाद के रूप में भाजी का सेवन करने से इस मौसम में परहेज ही करना चाहिए।
छोटी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी
बहुत से लोग भाजी की सफाई में आलस कर जाते हैं या उसे हल्का पकाकर खाना पसंद करते हैं। याद रखें कि बारिश का मौसम संक्रमण के लिए अनुकूल होता है, इसलिए की गई थोड़ी सी भी लापरवाही आपके लिए भारी पड़ सकती है। विशेषज्ञ का स्पष्ट संदेश है कि यदि आप बरसात में स्वाद के साथ सेहत का भी ध्यान रखना चाहते हैं, तो सफाई के मानकों से समझौता न करें। सही तरीके से साफ की गई और पूरी तरह पकी हुई भाजी ही सुरक्षित विकल्प है। बाजार से सब्जी लाते समय भी इस बात का ध्यान रखें कि वह ताजी और साफ-सुथरी जगह से ली गई हो। मानसून के दौरान अपनी रसोई में स्वच्छता के नियमों का कड़ाई से पालन करना ही बीमारियों से बचाव का सबसे कारगर तरीका है।
Comments
0 comment