गुटखा और तंबाकू की लत से पाना है छुटकारा, तो पूर्णिया के विशेषज्ञ ने बताया यह अचूक देसी नुस्खा जीवनशैली 5 घंटे पहले 3
पूर्णिया के एक अनुभवी आयुर्वेदाचार्य ने गुटखा और तंबाकू की लत छोड़ने के लिए रसोई में मौजूद सामग्री से तैयार होने वाला एक विशेष चूर्ण का फॉर्मूला साझा किया है।

गुटखा और तंबाकू की लत से कैसे पाएं निजात

आज के दौर में युवाओं के बीच गुटखा और तंबाकू का सेवन एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इन मादक पदार्थों का सेवन न केवल शरीर को अंदर से खोखला करता है, बल्कि कैंसर जैसी घातक बीमारियों को भी निमंत्रण देता है। हालांकि, मेडिकल आंकड़ों पर गौर करें तो यह साफ है कि मुंह के कैंसर के ज्यादातर मामले उन्हीं लोगों में देखे जाते हैं जो नियमित रूप से तंबाकू या गुटखा का इस्तेमाल करते हैं। पूर्णिया जिला औषधालय केंद्र के 35 वर्षीय विशेषज्ञ आयुर्वेदाचार्य डॉ. नंद कुमार मंडल ने इस बढ़ती समस्या पर चिंता जताते हुए इसे छोड़ने के प्रभावी घरेलू उपाय बताए हैं।

लत छुड़ाने के लिए मानसिक मजबूती जरूरी

डॉ. मंडल का मानना है कि किसी भी बुरी आदत को छोड़ने के लिए सबसे पहले व्यक्ति के मन में दृढ़ संकल्प होना बेहद आवश्यक है। उनका कहना है कि तंबाकू का सेवन समाज में एक पुरानी परंपरा की तरह घुल मिल गया है, लेकिन इसके परिणाम जानलेवा हो सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति वास्तव में इन नशों से मुक्ति पाना चाहता है, तो उसे अपनी इच्छाशक्ति को प्रबल बनाना होगा। संकल्प शक्ति के साथ सही घरेलू नुस्खों का तालमेल इस प्रक्रिया को और भी आसान बना देता है।

किचन के मसालों से तैयार करें यह विशेष चूर्ण

डॉ. नंद कुमार मंडल ने तंबाकू की तलब को कम करने के लिए रसोई में आसानी से मिलने वाली सामग्रियों का उपयोग करने का सुझाव दिया है। इस चूर्ण को बनाने की विधि बहुत ही सरल है। इसके लिए आप नीचे दी गई सामग्री का उपयोग कर सकते हैं:

  • अजवाइन
  • सौंफ
  • लौंग
  • इलायची
  • हर्रे
  • काला नमक

इन सभी सामग्रियों को एक साथ मिलाकर हल्की धीमी आंच पर भून लें। जब यह भून जाए, तो इसे मिक्सर की सहायता से अच्छी तरह पीसकर एक बारीक पाउडर तैयार कर लें। डॉ. मंडल के अनुसार, इस तैयार चूर्ण का रोजाना 1 चम्मच सेवन खाली पेट या फिर खाना खाने के बाद किया जा सकता है। नियमित रूप से इसका सेवन करने से कुछ ही दिनों में तंबाकू या गुटखा के प्रति जो बार-बार तलब उठती है, उसमें कमी आने लगेगी।

30 दिन का परहेज जीवन बदल सकता है

विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि नशे की लत से बाहर निकलने के लिए निरंतरता बहुत महत्वपूर्ण है। यदि कोई व्यक्ति कम से कम 30 दिनों तक पूरी तरह से परहेज कर लेता है, तो शरीर पर उस नशे का प्रभाव धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगता है। महीने भर के अनुशासन के बाद, व्यक्ति के भीतर से गुटखा या तंबाकू खाने की इच्छा स्वतः ही समाप्त हो जाती है। इस तरह के छोटे लेकिन प्रभावी कदम उठाकर आप खुद को और अपने परिवार को एक स्वस्थ जीवन दे सकते हैं। यदि तलब बहुत ज्यादा सताए, तो यह आयुर्वेदिक चूर्ण एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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