जीवनशैली
एक दिन पहले
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तेज रफ्तार वाली मौजूदा जिंदगी, लगातार बना रहने वाला तनाव, असंतुलित खानपान और देर रात तक जागते रहने की आदत महिलाओं के शरीर में हार्मोन का संतुलन बिगाड़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यही बदली हुई दिनचर्या आज महिलाओं में संतान न होने यानी इनफर्टिलिटी की सबसे प्रमुख वजह बनकर उभर रही है।
आधुनिक जीवनशैली और बढ़ती समस्याएं
चंदौली स्थित केजी नंदा हॉस्पिटल के वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. आनंद प्रकाश तिवारी के मुताबिक, गलत खानपान और अनियमित दिनचर्या के चलते महिलाओं में पीसीओडी, ट्यूब ब्लॉकेज, अंडों का न बनना और ओवेरियन सिस्ट जैसी दिक्कतें तेजी से सामने आ रही हैं। उनका कहना है कि ये समस्याएं सीधे तौर पर हार्मोनल असंतुलन से जुड़ी हुई हैं।
सिर्फ महिलाओं को दोष देना गलत
डॉ. तिवारी इस बात पर जोर देते हैं कि संतान न होने के लिए केवल महिला को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। उनके अनुसार लगभग 50% मामलों में इसकी वजह पुरुष में होती है, जहां स्पर्म काउंट कम होना या हार्मोन से जुड़ी परेशानियां सामने आती हैं।
इसी कारण वे सलाह देते हैं कि किसी भी इलाज को शुरू करने से पहले पति और पत्नी, दोनों की जांच कराना आवश्यक है, ताकि असली वजह का पता चल सके।
ऑनलाइन इलाज पर चेतावनी
चिकित्सक ने इंटरनेट के सहारे या ऑनलाइन माध्यम से इलाज कराने की प्रवृत्ति को पूरी तरह नकारते हुए कहा कि इस तरह की समस्या में डॉक्टर और मरीज का आमने-सामने मिलना बेहद जरूरी है। बिना सीधी जांच और परामर्श के सही उपचार संभव नहीं है।
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