झारखंड
एक घंटा पहले
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केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री मुद्रा योजना देश के छोटे व्यापारियों और उद्यमियों के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आई है। आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को बल देने वाली इस योजना ने अपने 11 वर्ष पूरे कर लिए हैं। बिना किसी गारंटी के आसान ऋण मुहैया कराने वाली इस पहल ने देशभर में हजारों लोगों के जीवन में उल्लेखनीय बदलाव लाया है।
पकरार गांव के धनेश्वर की कहानी
झारखंड के हजारीबाग जिले के कटकमदाग प्रखंड स्थित पकरार गांव के निवासी धनेश्वर साव भी उन सफल उद्यमियों में गिने जाते हैं, जिन्होंने इस योजना का लाभ उठाकर अपने मामूली कारोबार को नई पहचान दिलाई। धनेश्वर ने 2017 में बैंक ऑफ इंडिया से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए का ऋण लिया था।
उस दौर में उनके पास सिर्फ एक छोटी सी दुकान हुआ करती थी। लेकिन अपनी मेहनत और सरकारी योजना के सहयोग के बूते आज वे हजारीबाग की सब्जी मंडी और मेन रोड में तीन दुकानें चला रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें सम्मानित भी कर चुके हैं।
बिना गारंटी ऋण बना सबसे बड़ी राहत
धनेश्वर साव का कहना है कि इस योजना ने उनके कारोबार को नई रफ्तार दी और उन्हें आगे बढ़ने का आत्मविश्वास प्रदान किया। उन्होंने बताया कि इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें किसी गारंटी के बिना ही ऋण मिल जाता है।
उनके मुताबिक छोटे व्यापारियों के लिए यह बहुत बड़ी राहत है, क्योंकि पहले पूंजी और गारंटी न होने के कारण कारोबार को बढ़ा पाना बेहद कठिन था। धनेश्वर ने समय पर पूरा ऋण चुकाकर बैंक का विश्वास भी बनाए रखा।
घर, परिवार और तीन बेटियों की शादी
धनेश्वर साव की कामयाबी आज पूरे इलाके के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। कभी साइकिल से दुकान आने-जाने वाले धनेश्वर आज अपनी कार से दुकान तक पहुंचते हैं। उन्होंने अपना घर बनाया, परिवार को बेहतर जीवन दिया और अपनी तीन बेटियों की शादी भी धूमधाम से की।
'गरीब हितैषी योजना'
स्थानीय निवासी मोहम्मद शाहिद का कहना है कि वे धनेश्वर साव को पिछले 40-45 वर्षों से जानते हैं। उन्होंने बताया कि पहले धनेश्वर एक छोटी सी दुकान चलाते थे, मगर मुद्रा योजना ने उनके जीवन में बड़ा परिवर्तन ला दिया।
शाहिद ने इसे प्रधानमंत्री मोदी की गरीब हितैषी योजनाओं में से एक बताते हुए कहा कि ऐसी योजनाओं की बदौलत छोटे तबके के लोगों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना छोटे व्यापारियों, उद्यमियों और कारीगरों को आत्मनिर्भर बनने का मौका दे रही है। जो लोग अपने दम पर कुछ बड़ा करना चाहते हैं, उनके लिए यह योजना नई उम्मीद और नया रास्ता साबित हो रही है।
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