गुरुग्राम में थम सकती है निर्माण की रफ्तार, RMC प्लांट संचालकों ने किया अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान हरियाणा 2 घंटे पहले 3
गुरुग्राम और मानेसर के 100 से अधिक रेडी मिक्स कंक्रीट प्लांट संचालकों ने प्रशासन और प्रदूषण विभाग की सख्ती के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है, जिससे शहर के कई सरकारी और निजी निर्माण कार्य प्रभावित होने की आशंका है।

गुरुग्राम में रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) प्लांट चलाने वालों ने प्रशासन और प्रदूषण विभाग के रवैये के खिलाफ खुलकर मोर्चा संभाल लिया है। बड़ी तादाद में एकजुट हुए संचालकों ने जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला कर लिया है। संचालकों का कहना है कि उन पर बिना किसी ठोस वजह के सख्ती बरती जा रही है।

विकास कार्यों पर मंडराया असर

हड़ताल के चलते शहर में जारी कई सरकारी और निजी निर्माण परियोजनाओं के ठप होने की आशंका जताई जा रही है। नगर निगम, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण और कई सौ करोड़ रुपये की लागत वाले विकास कार्यों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। संचालकों का कहना है कि मौजूदा हालात में प्लांटों को चला पाना लगातार कठिन होता जा रहा है।

करोड़ों के जुर्माने का आरोप

गुरुग्राम और मानेसर क्षेत्र में संचालित 100 से अधिक आरएमसी प्लांटों के मालिक और संचालक एक मंच पर इकट्ठा हुए। उनका आरोप है कि हाल के दिनों में कई इकाइयों पर कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये का जुर्माना ठोका गया है। संचालकों के मुताबिक बीते दिनों उन पर करीब 25 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया।

अलग-अलग नियमों पर सवाल

संचालकों ने यह सवाल भी खड़ा किया कि जब गुरुग्राम और फरीदाबाद दोनों ही हरियाणा के जिले हैं, तो एक ही उद्योग के लिए दोनों जगह अलग-अलग नियम क्यों लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले में एक समान नीति अपनाए जाने की मांग रखी है।

किराए की जमीन और सीएलयू की शर्त

अपनी मांगों पर अड़े प्लांट संचालक सुनील जिंदल का कहना है कि प्रशासन उनसे किराए की जमीन पर भी सीएलयू की शर्त पूरी करने की उम्मीद कर रहा है, जबकि किरायेदार होने की स्थिति में व्यावहारिक रूप से ऐसा कर पाना मुमकिन नहीं है।

जारी रहेगी हड़ताल

संचालकों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन और संचालकों के बीच बातचीत से कोई हल निकलता है या फिर इसका असर शहर के विकास कार्यों पर और गहरा होता चला जाता है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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