भोजपुर के किसानों के लिए बड़ी सौगात, 25 एकड़ में तैयार होगा अमरूद का विशेष क्लस्टर, मिलेगी ₹1 लाख की सब्सिडी भारत 8 घंटे पहले 3
भोजपुर में अमरूद की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग ने एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। इस योजना के तहत 25 एकड़ के क्लस्टर में किसानों को खेती की लागत के लिए ₹1 लाख प्रति एकड़ तक का अनुदान दिया जाएगा।

भोजपुर में अमरूद की खेती को मिलेगा नया विस्तार

भोजपुर जिले के किसान अब अमरूद की खेती के जरिए अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। कृषि विभाग की ओर से इस क्षेत्र में एक विशेष पहल की शुरुआत की गई है, जिसके तहत 25 एकड़ के क्षेत्रफल में अमरूद का एक समेकित क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। इस पूरी परियोजना को 'गांव की बागवानी, हमारे गौरव की कहानी' योजना के तहत संचालित किया जा रहा है। विभाग ने इस योजना के लिए जगदीशपुर और कोईलवर प्रखंड के विभिन्न राजस्व गांवों का चयन किया है, जहां किसान अब संगठित होकर अमरूद की बागवानी करेंगे।

किसानों के लिए ₹1 लाख तक की आर्थिक सहायता

इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी किसानों को मिलने वाली वित्तीय सहायता है। सरकार की ओर से इस क्लस्टर में शामिल होने वाले किसानों को प्रति एकड़ ₹1 लाख तक का अनुदान देने का प्रावधान तय किया गया है। कृषि विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए पहले ही ₹16.25 लाख की राशि को स्वीकृति दे दी है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस 25 एकड़ के पूरे क्लस्टर में किसानों को कुल ₹25 लाख तक की सब्सिडी मिलने की संभावना है। यह धनराशि किसानों को अमरूद के पौधे खरीदने, खेत को खेती के लिए तैयार करने, खाद, कीटनाशक दवाइयां, सिंचाई की व्यवस्था और खरपतवार पर नियंत्रण करने जैसी जरूरी लागतों को वहन करने में काफी मदद करेगी।

क्लस्टर मॉडल से खेती होगी आसान और किफायती

सामान्य तौर पर किसान छोटी और बिखरी हुई जोत पर खेती करते हैं, जिससे लागत अधिक आती है और प्रबंधन कठिन हो जाता है। अमरूद का क्लस्टर मॉडल इन चुनौतियों को दूर करने के लिए तैयार किया गया है। एक बड़े और संगठित क्षेत्र में खेती होने से आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ उठाना आसान हो जाएगा। किसान सामूहिक रूप से सिंचाई, खाद के उपयोग और पौधरोपण का प्रबंधन कर सकेंगे, जिससे उनकी कुल लागत में भारी कमी आएगी।

बाजार तक सीधी पहुंच और बिचौलियों से छुटकारा

इस मॉडल का एक बड़ा लाभ यह होगा कि एक ही स्थान पर बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण अमरूद का उत्पादन हो सकेगा। जब एक ही जगह से अधिक पैदावार होगी, तो बड़े व्यापारी और खरीदार खुद क्लस्टर तक पहुंचेंगे। इससे किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए मंडी के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और वे बिचौलियों के चंगुल से मुक्त रहेंगे। यह सीधा बाजार संपर्क किसानों के लिए आय का एक बेहतर जरिया साबित होगा।

आय का एक नया और स्थायी स्रोत

भोजपुर के किसान अब तक पारंपरिक फसलों जैसे धान और गेहूं पर ही निर्भर रहे हैं, लेकिन अब अमरूद की व्यावसायिक खेती उनके लिए आय का एक स्थायी और मजबूत विकल्प बनकर उभरेगी। इस क्लस्टर के जरिए किसान न केवल अपनी आय को बढ़ाने में सक्षम होंगे, बल्कि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर प्रति हेक्टेयर पैदावार में भी काफी सुधार कर पाएंगे।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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