उपनाम: कृषि सब्सिडी
बागवानी करने वाले किसानों के लिए खुशखबरी, प्रति हेक्टेयर 16 हजार रुपये तक की सब्सिडी देगी सरकार
बिहार के भोजपुर में उद्यान विभाग ने बागवानी को बढ़ावा देने और पौधों के पोषण के लिए एक नई सब्सिडी योजना शुरू की है, जिसके तहत किसानों को प्रति हेक्टेयर 16 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
सर्दियों में गर्मियों वाली सब्जियां उगाकर कमाएं मुनाफा, हरियाणा सरकार दे रही है 50 प्रतिशत सब्सिडी
हरियाणा सरकार किसानों को लो-टनल और मल्चिंग तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, जिससे सर्दियों के मौसम में भी बेलवाली सब्जियां उगाना संभव हो गया है।
भोजपुर के किसानों के लिए बड़ी सौगात, 25 एकड़ में तैयार होगा अमरूद का विशेष क्लस्टर, मिलेगी ₹1 लाख की सब्सिडी
भोजपुर में अमरूद की व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग ने एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। इस योजना के तहत 25 एकड़ के क्लस्टर में किसानों को खेती की लागत के लिए ₹1 लाख प्रति एकड़ तक का अनुदान दिया जाएगा।
कृषि यंत्रों पर बंपर छूट का मौका, 50 प्रतिशत तक सब्सिडी पाने के लिए इस तारीख तक करें आवेदन
मध्य प्रदेश के सागर और बुंदेलखंड क्षेत्र के किसान कृषि उपकरणों की खरीद पर सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर निर्धारित की गई है।
खगड़िया के किसानों की बल्ले-बल्ले, प्लास्टिक मल्चिंग पर सरकार देगी 50 फीसदी सब्सिडी
बिहार के खगड़िया जिले में खेती को आधुनिक बनाने और लागत घटाने के लिए उद्यान विभाग ने प्लास्टिक मल्चिंग तकनीक पर 50 फीसदी अनुदान देने की घोषणा की है।
शाहजहांपुर में ड्रैगन फ्रूट की खेती से बढ़ेगी किसानों की कमाई, सरकार दे रही भारी सब्सिडी
शाहजहांपुर के किसान अब ड्रैगन फ्रूट की खेती कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं, जिसके लिए सरकार ने प्रति हेक्टेयर लाखों रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।
बांस की खेती से किसानों की बंपर कमाई, सरकार दे रही है 60 हजार रुपये तक की सब्सिडी
राजस्थान में बांस की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत किसानों को 60 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद प्रदान कर रही है। यह योजना खेती की शुरुआती लागत को कम कर किसानों की आमदनी बढ़ाने में मददगार साबित होगी।
हिमाचल प्रदेश: ट्रैक्टर पर ₹3.60 लाख तक की भारी सब्सिडी, ऐसे उठाएं सरकारी योजना का फायदा
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों के लिए कृषि मशीनरी अनुदान योजना शुरू कर दी है, जिसके तहत ट्रैक्टर और अन्य आधुनिक उपकरणों पर लाखों की छूट दी जा रही है।
मछली पालकों के लिए बड़ी खुशखबरी, तालाब के किनारे ट्यूबवेल लगाने पर सरकार दे रही 70 प्रतिशत की भारी सब्सिडी
मछली पालन करने वाले किसानों को अब गर्मी में तालाब सूखने की चिंता से मुक्ति मिलेगी। सरकार तालाब के पास बोरिंग या ट्यूबवेल लगवाने के लिए कुल लागत का 70 प्रतिशत अनुदान प्रदान कर रही है।
फूलों की खेती से बढ़ेगी किसानों की आमदनी, राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत सरकार दे रही 50 प्रतिशत तक का भारी अनुदान
राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत फूलों की खेती करने वाले किसानों को सरकार लागत का आधा हिस्सा अनुदान के रूप में दे रही है। गेंदा, कट फ्लावर और लूज फ्लावर की खेती करने वाले किसान इस सरकारी योजना का लाभ उठा सकते हैं।
जलवायु परिवर्तन के बीच आम की खेती से कमाएं मुनाफा, सरकार दे रही है 50,000 रुपये तक की सब्सिडी
बदलते मौसम के दौर में पारंपरिक खेती के बजाय आम का बगीचा लगाना किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है, जिस पर सरकार प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपये तक की आर्थिक मदद दे रही है।
खेती का नया मॉडल: 1 एकड़ जमीन पर होगी 8 तरह की कमाई, सोलर पंप और ड्रिप इरिगेशन पर 90 फीसदी सब्सिडी
झारखंड पशुपालन विभाग ने एक खास इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल पेश किया है, जिसमें किसान एक ही खेत से फल, सब्जी और पशुपालन के जरिए अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।
झारखंड में स्प्रिंकलर सिंचाई पर 90 प्रतिशत सब्सिडी, कम पानी में होगी बेहतर पैदावार
झारखंड के पलामू जैसे सूखा प्रभावित क्षेत्रों में स्प्रिंकलर सिंचाई तकनीक से 60 प्रतिशत पानी की बचत संभव है। सरकार इस आधुनिक कृषि यंत्र पर किसानों को 90 प्रतिशत तक का अनुदान दे रही है।
अब घर बैठे एक क्लिक पर होगा किसानों का काम, दफ्तरों के चक्कर से मिलेगी राहत
मध्य प्रदेश में किसानों की सहूलियत के लिए एमपी किसान ऐप 2 शुरू किया गया है, जिसके जरिए बी-वन खसरा, पीएम किसान, गिरदावरी और सब्सिडी जैसे कई काम घर बैठे ऑनलाइन निपटाए जा सकते हैं।
पानी की बचत और कम खर्च: धान की सीधी बिजाई की इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों के पास बचा है थोड़ा ही समय
हरियाणा में गिरते भू-जल स्तर और बढ़ती खेती लागत को देखते हुए कृषि विभाग किसानों को धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है, जिस पर 4500 रुपये प्रति एकड़ की सहायता दी जा रही है। अनुदान के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 15 जून है।