अचानक वृद्धाश्रम पहुंचे DM अंशुल कुमार, बुजुर्ग महिला ने बड़े लाड से रख दी चाट और गोलगप्पे खिलाने की मांग करियर 8 घंटे पहले 9
बिहार के पूर्णिया जिले के जिला अधिकारी (DM) अंशुल कुमार का एक वृद्धाश्रम का दौरा सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है, जहां एक बुजुर्ग महिला के साथ उनकी प्यारी बातचीत ने लोगों का दिल जीत लिया है।

बिहार के पूर्णिया जिले से सोशल मीडिया पर एक बेहद ही प्यारा और दिल को छू लेने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है, जिसमें जिला अधिकारी (DM) और बुजुर्गों के बीच की आत्मीयता साफ झलक रही है। सोशल मीडिया की दुनिया में अक्सर हमें प्रशासनिक अधिकारियों के कड़े रुख, आधिकारिक दौरों और बैठकों के वीडियो ही देखने को मिलते हैं। लेकिन पूर्णिया के DM और वर्ष 2016 बैच के IAS अधिकारी अंशुल कुमार का यह नया वीडियो इस धारणा से बिल्कुल अलग है। इस वीडियो में एक बुजुर्ग महिला उनसे किसी सरकारी योजना, पेंशन या प्रशासनिक शिकायत के बजाय बेहद मासूमियत और अपनेपन के साथ चाट और गोलगप्पे खिलाने की जिद करती नजर आ रही है।

वृद्धाश्रम के निरीक्षण के दौरान सामने आया यादगार वाकया

यह पूरा मामला तब का है जब पूर्णिया के DM अंशुल कुमार जिले के एक वृद्धाश्रम का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। आम तौर पर ऐसे दौरों के दौरान अधिकारी व्यवस्थाओं का जायजा लेते हैं, फाइलों की जांच करते हैं और वहां के कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देकर चले जाते हैं। लेकिन IAS अंशुल कुमार ने इस प्रशासनिक औपचारिकता से इतर वहां रह रहे बुजुर्गों के साथ समय बिताने का फैसला किया। वे वहां रहने वाले बुजुर्गों के बीच बेहद सादगी से बैठ गए और उनका हालचाल पूछने लगे। वे उनके स्वास्थ्य और वहां मिल रही सुविधाओं के बारे में बात कर ही रहे थे कि तभी वहां मौजूद एक बुजुर्ग महिला ने बड़े ही लाड और अपनेपन से उनके सामने अपनी एक अनोखी फरमाइश रख दी।

बुजुर्ग महिला की अनूठी मांग और DM का दिल जीतने वाला जवाब

बुजुर्ग महिला ने बिना किसी झिझक के सीधे DM साहब से पूछ लिया कि वे उन्हें चाट और फुचका (गोलगप्पे) कब खिलाएंगे। एक प्रशासनिक अधिकारी के सामने आम तौर पर लोग अपनी समस्याओं का अंबार लगाते हैं, लेकिन इस महिला की इतनी मासूम और प्यारी मांग सुनकर वहां मौजूद सभी लोग अपनी हंसी नहीं रोक पाए। खुद DM अंशुल कुमार भी महिला की इस मासूमियत पर मुस्कुरा उठे। उन्होंने बिना एक पल गंवाए बेहद संवेदनशीलता और आदर के साथ जवाब दिया, "आज ही और अभी खिलाता हूं!"

DM साहब के इस तुरंत और सहज आश्वासन ने बुजुर्ग महिला के चेहरे पर बड़ी सी मुस्कान ला दी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद से ही लगातार वायरल हो रहा है। लोग इस बात की सराहना कर रहे हैं कि कैसे एक बड़ा अधिकारी जनता के इतने करीब जा सकता है कि लोग अपनी प्रशासनिक समस्याओं को भूलकर उनसे परिवार के सदस्य की तरह बात करने लगें।

कौन हैं IAS अंशुल कुमार? गाजियाबाद से पूर्णिया तक का सफर

पूर्णिया में अपनी संवेदनशीलता के लिए चर्चा में आए IAS अंशुल कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। उनके पिता गाजियाबाद के श्रम विभाग में अपनी सेवाएं देते थे। अंशुल कुमार ने अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए सिविल सेवा में जाने का फैसला किया था। उन्होंने प्रयागराज स्थित मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNNIT) से BTech की डिग्री हासिल की और इसके बाद वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुट गए।

उनकी शैक्षणिक और करियर यात्रा बेहद प्रेरणादायक रही है, जिसे निम्नलिखित बिंदुओं में समझा जा सकता है:

  • वर्ष 2014 में उन्होंने SSC परीक्षा उत्तीर्ण की और एक्साइज इंस्पेक्टर के रूप में चयनित हुए।
  • इस नौकरी के बावजूद उनका मुख्य लक्ष्य UPSC की परीक्षा पास करना था, जिसके लिए वे लगातार मेहनत करते रहे।
  • वर्ष 2015 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर 293वीं रैंक हासिल की और बिहार कैडर के IAS अधिकारी बने।
  • उसी वर्ष उनका चयन भारतीय वन सेवा (IFS) के लिए भी हुआ था, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर 97वीं रैंक प्राप्त की थी।

प्रशासन और जनता के बीच मजबूत होते विश्वास की मिसाल

अंशुल कुमार और बुजुर्ग महिला का यह वीडियो केवल एक सुखद वाकया नहीं है, बल्कि यह इस बात का उदाहरण है कि जब कोई लोक सेवक जनता की भाषा और उनकी भावनाओं को समझता है, तो सरकारी तंत्र के प्रति लोगों का विश्वास कितना गहरा हो जाता है। यह वीडियो देश के उन लाखों युवाओं के लिए भी एक बड़ी सीख है जो सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि प्रशासनिक अधिकारी बनने के लिए केवल किताबी ज्ञान ही काफी नहीं है, बल्कि समाज के सबसे कमजोर और बुजुर्ग तबके के प्रति संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि आज सोशल मीडिया पर हर वर्ग के लोग पूर्णिया के DM की सादगी और उनके इस आत्मीय व्यवहार की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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