उत्तर प्रदेश
55 मिनट पहले
1
विचारों
सार्वजनिक परिवहन का बढ़ेगा दायरा
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में रहने वाले नागरिकों के लिए राहत भरी खबर है। शहर की यातायात व्यवस्था को और अधिक सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने 45 नए बस स्टैंड स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सिटी बस सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है, जिससे आम लोगों को आने-जाने में होने वाली परेशानी से मुक्ति मिल सके।
प्रमुख स्थानों पर होगी तैनाती
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, इन नए बस स्टैंडों के लिए प्रमुख व्यस्त इलाकों को चुना गया है। इनमें गौर चौक, परी चौक, कलेक्ट्रेट, स्वर्ण नगरी, एक मूर्ति, बिसरख और सूरजपुर जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं। इन क्षेत्रों में बस स्टैंड बनने से यात्रियों को बस के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
निर्माण और संचालन की प्रक्रिया
इन बस स्टैंडों का निर्माण बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) मॉडल के आधार पर किया जाएगा। इसका अर्थ है कि निजी एजेंसियों को इनके निर्माण, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्राधिकरण ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है और अगले 1 सप्ताह के भीतर एजेंसी का चुनाव पूरा कर लिया जाएगा।
मिलेगी आधुनिक सुविधाएं
ये बस शेल्टर केवल खड़े होने की जगह नहीं होंगे, बल्कि इनमें यात्रियों की सुविधा के लिए कई आधुनिक इंतजाम किए जाएंगे। इनमें मुख्य रूप से मोबाइल चार्जिंग की सुविधा और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
जेवर एयरपोर्ट और बस सेवा विस्तार
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास को देखते हुए हाल ही में सिटी बस सेवा में 100 नई बसें जोड़ी गई हैं। इन बसों का वितरण कुछ इस प्रकार किया गया है:
- ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को 25 बसें।
- यमुना प्राधिकरण को 25 बसें।
- नोएडा प्राधिकरण को 50 बसें।
इसके अलावा, 1 जुलाई से IndiGo की उड़ानें बढ़ने के साथ ही बस सेवाओं का समय भी बढ़ाया जा सकता है। वर्तमान में जो सेवा सुबह 4 बजे से शाम 6 बजे तक सीमित है, उसे देर रात तक बढ़ाए जाने की योजना पर विचार चल रहा है। ये बस स्टैंड विशेष रूप से बॉटैनिकल गार्डन और ग्रेटर नोएडा के मुख्य बस अड्डों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएंगे।
Comments
0 comment