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एक घंटा पहले
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केंद्र सरकार ने सोमवार को डीजल और ATF (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) के निर्यात पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED), जिसे विंडफॉल टैक्स के नाम से जाना जाता है, में इजाफा कर दिया है। इस संबंध में एक सरकारी अधिसूचना जारी की गई है। रेवेन्यू डिपार्टमेंट की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, डीजल के निर्यात पर लागू ड्यूटी को 50 पैसे प्रति लीटर बढ़ाते हुए 13.5 रुपये प्रति लीटर से 14 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं, ATF के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 9.5 रुपये प्रति लीटर से 12.5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।
पेट्रोल के निर्यात शुल्क में नहीं हुआ कोई फेरबदल
पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले टैक्स में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसे पहले की तरह 1.5 रुपये प्रति लीटर पर ही बरकरार रखा गया है। सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, निर्यात ड्यूटी की ये नई दरें मंगलवार, 16 जून से अमल में आएंगी और सरकारी समीक्षा प्रक्रिया के तहत अगले दो हफ्तों तक प्रभावी बनी रहेंगी।
हर 15 दिन में होती है दरों की समीक्षा
ये बदलाव 26 मार्च को जारी और बाद में 30 मई को संशोधित सेंट्रल एक्साइज नोटिफिकेशन में संशोधन के माध्यम से किए गए हैं। भारत देश में उत्पादित कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी की समय-समय पर समीक्षा करता है। इसकी दरें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और रिफाइनिंग मार्जिन में होने वाले उतार-चढ़ाव से जुड़ी रहती हैं। यह टैक्स घरेलू ईंधन की बिक्री पर लगने वाले कर से अलग है और इसका घरेलू बाजार में पेट्रोल, डीजल या एविएशन फ्यूल की खुदरा कीमतों पर सीधा प्रभाव नहीं पड़ता।
पिछली बार सरकार ने की थी निर्यात शुल्क में कटौती
इससे पहले सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के निर्यात पर लगने वाले टैक्स में कमी की थी, जो 1 जून से लागू हुई थी। 31 मई की एक अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल के निर्यात पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) को 3 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 1.5 रुपये प्रति लीटर किया गया था। इसी प्रकार, डीजल के निर्यात पर लगने वाले टैक्स को 16.5 रुपये प्रति लीटर से कम करके 13.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया था।
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