Public opinion: 'हमारा सूर्या लौटकर आएगा', टी20 टीम से बाहर किए जाने पर बोले सूर्यकुमार यादव के गांव वाले उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 17
टी20 टीम से बाहर किए जाने और कप्तानी छिनने के बाद सूर्यकुमार यादव के पैतृक गांव हथौड़ा में मायूसी है, लेकिन गांव के युवा और क्रिकेट प्रेमी उनकी जोरदार वापसी को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं।

भारतीय क्रिकेट में सूर्यकुमार यादव को लेकर छिड़ी बहस की गूंज अब उनके पैतृक गांव हथौड़ा तक जा पहुंची है। गांव के युवा, क्रिकेट के दीवाने और परिवार के लोग एक सुर में कह रहे हैं कि खेल में उतार-चढ़ाव तो आते-जाते रहते हैं, पर असली खिलाड़ी की पहचान उसकी वापसी से होती है। हथौड़ा के लिए सूर्या महज एक क्रिकेटर नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के सपनों का दूसरा नाम बन चुके हैं।

क्रिकेट प्रेमियों के लिए 'तीर्थ' बना हथौड़ा

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले का हथौड़ा गांव क्रिकेट के मुरीदों के लिए किसी आम गांव जैसा नहीं, बल्कि एक तीर्थ की तरह है। वजह साफ है, इसी मिट्टी से निकलकर 'मिस्टर 360' सूर्यकुमार यादव ने दुनिया भर में नाम कमाया। लेकिन इन दिनों हथौड़ा की गलियों में एक अजीब-सा सन्नाटा पसरा है। जिस खिलाड़ी ने भारत को टी20 वर्ल्ड कप जिताया, उसे आज न सिर्फ कप्तानी से हटा दिया गया है, बल्कि टीम से भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

गांव की चौपाल पर एक ही सवाल

जब लोकल टीम हथौड़ा गांव पहुंची, तो वहां क्रिकेट केवल एक खेल नहीं, बल्कि एक भावना के रूप में नजर आया। गांव की चौपाल हो, चाय की गुमटी हो या युवाओं की महफिल, हर जगह एक ही सवाल तैर रहा था कि क्या सूर्यकुमार का सबसे बेहतरीन क्रिकेट अभी आना बाकी है।

'सूर्या सिर्फ खिलाड़ी नहीं, प्रेरणा हैं'

स्थानीय युवा अभिषेक का कहना है कि बड़े खिलाड़ियों को चंद मैचों के आधार पर नहीं आंका जा सकता। उनके मुताबिक, क्रिकेट में फॉर्म घटती-बढ़ती रहती है, पर क्लास हमेशा बरकरार रहती है। अभिषेक कहते हैं कि सूर्यकुमार ने भारतीय क्रिकेट को ऐसे-ऐसे शॉट दिए हैं, जिन्हें देखकर पूरी दुनिया दंग रह गई।

'दस साल पहले हुई थी मुलाकात'

वहीं उत्कर्ष बताते हैं कि सूर्यकुमार पूरे गांव के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने बताया कि करीब 10 साल पहले उनकी सूर्या से मुलाकात हुई थी। उत्कर्ष का मानना है कि भले ही आईपीएल का यह सीजन सूर्या के लिए अच्छा न रहा हो, लेकिन उनकी क्लास में जरा भी कमी नहीं आई है। उनके अनुसार, सूर्या का टीम में न होना गाजीपुर के उस हर बच्चे के लिए निराशा की बात है, जो उन्हें देखकर बड़े सपने बुनता है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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