गाजियाबाद: बिना मान्यता चल रहे मदरसे पर प्रशासन की कार्रवाई, परिसर सील उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 2
गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित कनावनी कॉलोनी में बिना पंजीकरण और सुरक्षा मानकों के संचालित मदरसे को जिला प्रशासन ने सील कर दिया है। प्रबंधन को अपना पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।

गाजियाबाद में जिला प्रशासन ने बिना मान्यता संचालित हो रहे एक मदरसे के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए उसे सील कर दिया है। यह मदरसा न तो वैधानिक रूप से पंजीकृत था और न ही इसमें सुरक्षा संबंधी जरूरी मानकों का पालन हो रहा था। बच्चों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त प्रबंध न होने के कारण उनकी जान पर खतरा बना हुआ था।

क्या है पूरा मामला

गाजियाबाद के इंदिरापुरम क्षेत्र की कनावनी कॉलोनी में बिना किसी मान्यता और वैधानिक पंजीकरण के चल रहे "मदरसा जामिया खुल्फा ए राशीदीन" को जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है। यह मदरसा अग्निशमन और बिजली विभाग की एनओसी के बिना संचालित हो रहा था और यहां बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव था।

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कैलाश चंद्र तिवारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह कार्रवाई वक्फ निरीक्षक, अपर आयुक्त (नगर निगम) और नायब तहसीलदार की संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। मदरसा कार्यालय में पंजीकृत नहीं था और न ही उसके पास मदरसा सोसाइटी का कोई पंजीकरण प्रमाण-पत्र मौजूद था।

जांच में मिलीं गंभीर खामियां

जांच के दौरान परिसर में अग्निशमन विभाग और विद्युत सुरक्षा विभाग की कोई अनापत्ति (एनओसी) नहीं पाई गई, जिससे बच्चों के जीवन पर सीधा खतरा था। परिसर में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब मिली और छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं थी। इसके अलावा नियमों के विपरीत यहां अवैध रूप से हॉस्टल भी चलाया जा रहा था, जिसे बाल अधिकारों का गंभीर उल्लंघन माना गया है।

प्रबंधन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम

कार्रवाई के तहत प्रशासन ने मदरसे के मुख्य भवन और कमरों को सील कर दिया है। प्रबंधन को एक सप्ताह के भीतर जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने और वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने का अंतिम अवसर दिया गया है। नियत समय में साक्ष्य प्रस्तुत न करने पर प्रबंधन के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस बल और उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को भी मौके पर तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं।

इस पूरे प्रकरण में डीसीपी सिटी जोन/ट्रांस हिंडन जोन गाजियाबाद धवल जायसवाल का बयान भी सामने आया है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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