अगरबत्ती और फूल बेचने वाली बबिता की बदली तकदीर, अब हर महीने 90 हजार रुपए तक की आमदनी, इस सरकारी योजना से मिली ताकत उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 2
गाजियाबाद की रेहड़ी-पटरी विक्रेता बबिता ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से मिले ऋण के दम पर अपना कारोबार खड़ा किया और आज रोजाना दो से तीन हजार रुपए तक कमा रही हैं। सारनाथ के विष्णु शंकर भारद्वाज भी इसी योजना से अपने व्यवसाय को नई दिशा देने वाले लाभार्थियों में शामिल हैं।

छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी पर सामान बेचने वाले कारोबारियों के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना आर्थिक मजबूती का बड़ा सहारा बनकर सामने आई है। इस योजना ने अपने छह साल पूरे कर लिए हैं और इस दौरान हजारों लाभार्थियों ने न सिर्फ अपने कारोबार को नई पहचान दी, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की राह भी तैयार की। उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद की बबिता और वाराणसी के सारनाथ निवासी विष्णु शंकर भारद्वाज ऐसे ही दो उदाहरण हैं, जिन्होंने योजना से मिले ऋण और सरकारी मदद के बल पर अपने व्यवसाय को खड़ा किया।

सड़क किनारे की पटरी से पक्की दुकान तक का सफर

एक समाचार एजेंसी से बातचीत में बबिता ने बताया कि पहले जगह न होने की वजह से वह सड़क के किनारे पटरी लगाकर अपना सामान बेचा करती थीं। कोविड-19 महामारी के दौर में उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया और आने वाले कल को लेकर अनिश्चितता गहरा गई थी। इसी मुश्किल वक्त में एक रिश्तेदार ने उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी दी, जिसके बाद उन्होंने इसके लिए आवेदन किया।

योजना के तहत मिली ऋण राशि को बबिता ने सीधे अपने कारोबार में लगा दिया, जिससे धीरे-धीरे उनका व्यवसाय बढ़ने लगा। उन्होंने बताया कि पहली किस्त समय पर चुका देने के बाद अगली किस्त भी आसानी से मिल गई, जिसे उन्होंने कारोबार के विस्तार में इस्तेमाल किया। कुल मिलाकर उन्हें 50 हजार रुपए तक का ऋण मिला और इसी की मदद से उन्होंने अपनी दुकान को स्थायी रूप दे दिया।

बबिता का कहना है कि सड़क किनारे दुकान लगाने पर उन्हें कई तरह की दिक्कतों से जूझना पड़ता था, लेकिन अब पक्की दुकान होने के कारण कारोबार पहले से कहीं ज्यादा व्यवस्थित और सुरक्षित हो गया है।

रोजाना दो से तीन हजार रुपए की कमाई

अगरबत्ती, दीये, फूल, नारियल और पूजा की अन्य सामग्री बेचने वाली बबिता ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना ने उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव ला दिया है। जहां पहले किसी संस्था से कर्ज लेना बेहद कठिन था, वहीं इस योजना के तहत बिना किसी बड़ी अड़चन के उन्हें ऋण मिल गया। फिलहाल वह हर दिन दो से तीन हजार रुपए तक कमा रही हैं, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति भी पहले से बेहतर हुई है।

दूसरी योजनाओं से भी मिला फायदा

केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल की तारीफ करते हुए बबिता ने कहा कि उन्हें कई सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि बीमा सुरक्षा, प्रधानमंत्री आवास योजना और राशन कार्ड जैसी योजनाओं ने उनके जीवन स्तर को सुधारने में अहम भूमिका निभाई है। उनका मानना है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा फायदा आम लोगों तक पहुंच रहा है।

महंगाई, भ्रष्टाचार और गरीबी जैसे मुद्दों पर विपक्ष की आलोचना से जुड़े सवाल पर बबिता ने कहा कि बढ़ती महंगाई के साथ-साथ लोगों की आमदनी में भी इजाफा हुआ है। उनके मुताबिक मौजूदा दौर में विकास और रोजगार के अवसर बढ़े हैं, जिनका लाभ आम लोगों को मिल रहा है।

सारनाथ के विष्णु शंकर को भी मिली नई दिशा

वहीं सारनाथ के रहने वाले योजना के लाभार्थी विष्णु शंकर भारद्वाज ने भी पीएम स्वनिधि योजना को छोटे व्यापारियों के लिए बेहद फायदेमंद बताया। उन्होंने कहा कि पहले छोटे कारोबारियों को बैंक से कर्ज लेने में काफी मुश्किलें झेलनी पड़ती थीं, लेकिन इस योजना ने आसान और सुलभ ऋण उपलब्ध कराकर उनके व्यवसाय को नई राह दिखाई है। उनके मुताबिक योजना से आर्थिक मजबूती के साथ आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान भी बढ़ा है।

पत्थर की मूर्तियां, मालाएं और उपहार की सामग्री बेचने वाले विष्णु शंकर ने प्रधानमंत्री आवास योजना समेत अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि अब सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और बिचौलियों की भूमिका लगभग खत्म हो गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताते हुए विष्णु शंकर ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना ने देश भर के लाखों छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है और उन्हें आत्मनिर्भर भारत के अभियान से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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