टैक्स छूट का असर: FPIs ने सरकारी प्रतिभूतियों में लगाए ₹8795 करोड़, बढ़ा निवेश का रुझान बाज़ार एक महीने पहले 17
सरकार की ओर से टैक्स छूट की घोषणा के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने 'फुली एक्सेसिबल रूट' के जरिए सरकारी सिक्यॉरिटीज में 8,794.74 करोड़ रुपये का निवेश किया है। हालांकि घरेलू शेयर बाजार से एफपीआई की निकासी अब भी जारी है।

सरकार की तरफ से कर में राहत दिए जाने के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) का रुझान सरकारी प्रतिभूतियों की ओर तेजी से बढ़ा है। 'फुली एक्सेसिबल रूट' (FAR) के तहत इन निवेशकों ने सरकारी सिक्यॉरिटीज में 8,794.74 करोड़ रुपये लगाए हैं। भारतीय समाशोधन निगम लिमिटेड (CCIL) के आंकड़ों के अनुसार, एफएआर सिक्यॉरिटीज में एफपीआई की हिस्सेदारी 3 जून के 3.23 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर मंगलवार को 3.32 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई। इस रूट के तहत विदेशी निवेशकों को बिना किसी निवेश सीमा के भारत सरकार की चुनिंदा प्रतिभूतियों में पैसा लगाने की अनुमति मिलती है।

5 जून को हुई थी टैक्स छूट की घोषणा

उल्लेखनीय है कि सरकार ने 5 जून को इनकम टैक्स एक्ट में संशोधन करते हुए सरकारी बॉन्ड में एफपीआई निवेश पर मिलने वाले ब्याज और कैपिटल गेन्स को कर के दायरे से बाहर कर दिया था। यह छूट 1 अप्रैल, 2025 से प्रभावी मानी जाएगी। अरेटे कैपिटल के वाइस प्रेसिडेंट माताप्रसाद पांडेय के मुताबिक, इस फैसले से एफपीआई का भरोसा मजबूत हुआ है और वे सरकारी सिक्यॉरिटीज में अपना निवेश बढ़ा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इससे भारत को प्रमुख ग्लोबल बॉन्ड इंडेक्स में शामिल किए जाने की संभावना और प्रबल हो सकती है।

आरबीआई ने भी नियमों में किए बदलाव

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी अपनी हालिया मॉनेटरी पॉलिसी में एफएआर का दायरा बढ़ाते हुए 15, 30 और 40 साल की अवधि वाले नए सरकारी बॉन्ड को इसमें जोड़ा है। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने एफपीआई निवेश से जुड़ी कुछ पाबंदियां भी समाप्त की हैं, जिससे विदेशी पूंजी को आकर्षित करने में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

शेयर बाजार से लगातार निकल रहा विदेशी पैसा

दूसरी ओर, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक घरेलू शेयर बाजार से लगातार पूंजी निकाल रहे हैं। बीते रविवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, इन निवेशकों ने जून के पहले सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार से 42,927 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर पैसा निकाल लिया। यह रुझान ग्लोबल कैपिटल के टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े बड़े अवसरों की ओर झुकाव तथा रुपये में जारी कमजोरी के बीच सामने आया है।

इस साल अब तक 2.67 लाख करोड़ रुपये की निकासी

नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़ों के मुताबिक, जून के पहले सप्ताह की बिकवाली के साथ इस साल अब तक भारतीय शेयरों से एफपीआई की कुल निकासी बढ़कर 2.67 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। यह आंकड़ा साल 2025 में निकाले गए 1.66 लाख करोड़ रुपये से काफी अधिक है।

मनीष अग्रवाल पाबना के मार्केट्स संवाददाता हैं और शेयर बाजार, आईपीओ तथा निवेश के रुझानों पर रिपोर्टिंग करते हैं। सेंसेक्स-निफ्टी की चाल, कंपनियों के नतीजों और निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी को वे सहज भाषा में समझाते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि छोटे निवेशक भी बाजार को बेहतर समझ सकें।

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