उपनाम: विदेशी निवेशक
बॉन्ड बाजार में लौटे विदेशी निवेशक, जून में डाले करीब ₹17,000 करोड़; 16 महीने का सबसे बड़ा निवेश
लंबे इंतजार के बाद विदेशी संस्थागत निवेशकों ने जून में भारतीय सरकारी बॉन्ड्स में करीब 17,000 करोड़ रुपये लगाए, जो पिछले 16 महीनों का सबसे बड़ा मासिक निवेश है। टैक्स में राहत और वैश्विक हालात में सुधार को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है।
शेयर बाजार: ईरान विवाद, कच्चे तेल के दाम और FIIs की बिकवाली—अगले हफ्ते किस ओर जाएगा भारतीय बाजार?
बीते सप्ताह दो हफ्ते की गिरावट तोड़कर निफ्टी और सेंसेक्स मजबूती से बंद हुए। अगले हफ्ते अमेरिका-ईरान वार्ता, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की चाल बाजार की दिशा तय करेंगी।
टैक्स छूट का असर: FPIs ने सरकारी प्रतिभूतियों में लगाए ₹8795 करोड़, बढ़ा निवेश का रुझान
सरकार की ओर से टैक्स छूट की घोषणा के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने 'फुली एक्सेसिबल रूट' के जरिए सरकारी सिक्यॉरिटीज में 8,794.74 करोड़ रुपये का निवेश किया है। हालांकि घरेलू शेयर बाजार से एफपीआई की निकासी अब भी जारी है।
विदेशी निवेशकों ने एक हफ्ते में बाजार से खींचे ₹42,927 करोड़, इस साल निकासी ₹2.67 लाख करोड़ के पार
जून के पहले हफ्ते में FPIs ने घरेलू शेयर बाजार से 42,927 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जिससे 2026 में अब तक की कुल निकासी 2.67 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है।
विदेशी निवेशकों को बड़ी राहत: सरकारी बॉन्ड पर टैक्स खत्म, अब तक वसूला जाता था 20 फीसदी तक टैक्स
रिजर्व बैंक ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश पर लगने वाला इनकम टैक्स पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इस कदम का मकसद देश में विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ाकर रुपये और चालू खाते के घाटे को संभालना है।