उत्तर प्रदेश
2 घंटे पहले
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बड़ी कार्रवाई का खुलासा
शाहजहांपुर में एक बड़े जालसाजी के मामले का पर्दाफाश हुआ है, जहां प्रतिष्ठित ब्रांड राजधानी के नाम का गलत इस्तेमाल कर नकली बेसन और दालें बेची जा रही थीं। प्रशासन की टीम ने स्थानीय जियाखेल मोहल्ले में स्थित दो फर्मों पर अचानक छापेमारी की, जिससे नकली सामान का पूरा खेल उजागर हो गया। इस कार्रवाई में 32 लाख रुपये से अधिक मूल्य की सामग्री जब्त की गई है और बड़ी संख्या में बोरों को सील कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला
जिलाधिकारी कार्यालय शाहजहांपुर के अनुसार, 30 जून को दिल्ली की एक बड़ी कंपनी ने शिकायत दर्ज कराई थी। कंपनी का आरोप था कि शाहजहांपुर के जियाखेल इलाके में विकास अग्रवाल और विवेक अग्रवाल द्वारा उनके ब्रांड की नकल की जा रही है। शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित परिसर में संचालित दो फर्मों, मैसर्स आरव उद्योग और मैसर्स श्री कृष्णा इंडस्ट्रीज, पर छापेमारी के निर्देश दिए। यह पूरा फर्जीवाड़ा एक ही परिसर के भीतर चलाया जा रहा था।
छापेमारी में मिला सबूतों का जखीरा
कार्रवाई के दौरान टीम को चौंकाने वाले सबूत हाथ लगे। मैसर्स आरव उद्योग के ठिकाने पर राजधानी ब्रांड के नाम से तैयार बेसन और दाल से भरे हुए 550 बोरे बरामद हुए। इसके साथ ही, वहां पैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली मशीन और 200 खाली बोरे भी मिले। इन दोनों फर्मों की तलाशी लेने पर अलग-अलग ब्रांडों के नाम वाले बेसन और दालों का करीब 3500 क्विंटल भंडार पाया गया। अधिकारियों ने जांच के लिए मौके से बेसन और दाल के कुल 7 नमूने एकत्र किए हैं। इसके अलावा विभिन्न ब्रांडों के लेबल छपे हुए 800 खाली बोरे और पैकिंग मशीनें भी जब्त की गई हैं।
32 लाख से ज्यादा का माल सीज
छापेमारी के दौरान प्रशासन ने 1300 बोरों में रखी दाल को मौके पर ही सीज कर दिया। इन बोरों में कुल 386 क्विंटल दाल भरी थी, जिसकी कुल कीमत 32 लाख 87 हजार रुपये आंकी गई है। दिल्ली की मूल कंपनी ने अब इस संबंध में कॉपीराइट अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह गिरोह न केवल आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा था, बल्कि राजधानी जैसे भरोसेमंद ब्रांड की साख को भी गहरा नुकसान पहुंचाने का काम कर रहा था।
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