बटुक भैरव जयंती पर करें ये विशेष उपाय, दूर होगा हर संकट और मिलेगी अपार सफलता धर्म एक महीने पहले 80
बटुक भैरव जयंती और स्वाती नक्षत्र के शुभ संयोग पर आचार्य इंदु प्रकाश द्वारा बताए गए सरल उपायों को अपनाकर आप अपने जीवन की बाधाओं को दूर कर सकते हैं और मनोवांछित फल प्राप्त कर सकते हैं।

बटुक भैरव की उपासना का महत्व

बुधवार के दिन बटुक भैरव जयंती मनाई जाएगी। शास्त्रों के अनुसार भगवान भैरव के दो मुख्य स्वरूप हैं, जिनमें बटुक भैरव और काल भैरव शामिल हैं। बटुक भैरव को सतोगुणी माना गया है। इनकी विधि-विधान से पूजा करने पर साधक को जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है और अज्ञात भय से मुक्ति मिलती है। इस बार बटुक भैरव जयंती के साथ स्वाती नक्षत्र का भी अद्भुत संयोग बन रहा है, जो इन उपायों को और भी प्रभावशाली बनाता है।

जीवन को सफल बनाने के अचूक उपाय

  • मनोवांछित सफलता: स्वाती नक्षत्र में माता या किसी मातृवत स्त्री को सीप लगा हुआ वस्त्र या समुद्री सीप भेंट करें।
  • आर्थिक लाभ और व्यापार: अपने वजन का दसवां हिस्सा निकालें और उसके बराबर वजन का कच्चा कोयला लेकर उसे बहते जल में प्रवाहित कर दें। इससे बिजनेस में मुनाफा बढ़ेगा।
  • बच्चों की उन्नति: बच्चों के कार्यों में सफलता सुनिश्चित करने के लिए थोड़ी सी मसूर की दाल और 1 रुपये का सिक्का सफेद कपड़े में बांधें। इसे बच्चे के हाथों से स्पर्श कराकर किसी सफाई कर्मचारी को दे दें।
  • दुर्घटना का भय दूर करने के लिए: यदि आपको किसी अनहोनी का डर सताता है, तो गेहूं और जौ के आटे से बनी रोटी घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में किसी मजदूर को खिलाएं।
  • सकारात्मक ऊर्जा: जीवन को नई दिशा देने के लिए किसी सब्जी बेचने वाले से लौकी खरीदकर मंदिर में दान करें।
  • विशेष इच्छा पूर्ति: किसी नए पौधे की कोपल को 30 सेकंड तक ध्यान से देखें और अपने इष्टदेव का स्मरण करते हुए जोर से हंसें।
  • स्वास्थ्य और उन्नति: दूध के खोये से बने 11-11 पेड़े लें और उन्हें 11 अलग-अलग जगहों पर बांट दें।
  • कार्यक्षेत्र में प्रगति: बुधवार और स्वाती नक्षत्र के इस संयोग में ऐसे जूते या चप्पल खरीदें जिनमें कोई चमकीली वस्तु लगी हो।
  • कठिन कार्यों में सफलता: मिट्टी और जौ के आटे को मिलाकर तिल के तेल में सानकर गोलियां बनाएं। इन्हें भट्टी में पकाकर अपने पास रखने से हर क्षेत्र में सफलता मिलती है।
  • भैरव कृपा: बटुक भैरव को बेसन के लड्डू और उड़द की दाल के बड़े समर्पित करने से विशेष लाभ मिलता है।
  • महाकाली की आराधना: अर्जुन के चूर्ण की गोली बनाकर महाकाली को अर्पित करें। यदि चूर्ण न मिले तो जौ की रोटी पर घी और गुड़ रखकर माता को अर्पित करें।
  • वशीकरण का उपाय: यदि आप किसी को अनुकूल करना चाहते हैं, तो कनेर के लाल फूलों से बटुक भैरव के निमित्त हवन करें।
प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप