वर्षों बाद बना दुर्लभ संयोग, अधिक मास के प्रदोष व्रत पर करें ये खास उपाय, शिवकृपा से टलेंगे संकट धर्म एक घंटा पहले 2
अधिक मास में पड़ने वाले इस शुक्र प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस दिन भगवान शिव के साथ विष्णु जी की पूजा और कुछ विशेष उपाय करने से जीवन की हर बाधा दूर होती है।

अधिक मास प्रदोष व्रत उपाय: इस शुक्रवार अधिक मास का प्रदोष व्रत रखा जाएगा। प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित माना गया है और इस दिन शिव-शक्ति की एक साथ आराधना करने से शुभ फल मिलते हैं। हर महीने की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है, लेकिन इस बार यह व्रत अधिकमास में पड़ रहा है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया है। अधिकमास हर 3 साल में आता है और इसे मलमास या पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है। यह मास जगत के पालनहार भगवान नारायण को समर्पित है, इसलिए अधिक प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव के साथ-साथ विष्णु जी की भी पूजा अवश्य करें।

प्रदोष व्रत का नाम सप्ताह के उस दिन के अनुसार रखा जाता है जिस दिन यह पड़ता है। इस बार प्रदोष व्रत 11 जून को है और इस दिन शुक्रवार होने के कारण इसे शुक्र प्रदोष कहा जाएगा। शुक्र प्रदोष व्रत सौंदर्य, भोग, वैवाहिक सुख और धन-संपदा की प्राप्ति के लिए किया जाता है। यह व्रत विशेष रूप से स्त्रियों के लिए कल्याणकारी माना गया है। इस व्रत के प्रभाव से वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है और घर में देवी लक्ष्मी का वास होता है। इसके साथ ही शुक्र प्रदोष के दिन कुछ खास उपाय करने से जीवन की समस्त परेशानियां दूर हो जाती हैं।

परिवार की खुशहाली और तरक्की के लिए

घर के सदस्यों की समृद्धि और उन्नति सुनिश्चित करने के लिए प्रदोष व्रत के दिन स्नान आदि के बाद शिव मंदिर जाएं और सबसे पहले शिवलिंग पर शुद्ध जल अर्पित करें तथा धूप-दीप से भगवान की पूजा करें। यदि संभव हो तो शाम के समय भी दोबारा स्नान कर साफ कपड़े पहनकर शिव मंदिर जाएं। यदि दोबारा स्नान संभव न हो, तो केवल हाथ-पैर धोकर स्वच्छ वस्त्र पहनकर मंदिर जाएं और वहां धूप-दीप से भगवान शंकर की पूजा करें। यदि दोनों समय मंदिर जाना संभव न हो, तो केवल शाम को मंदिर जाकर शिव पूजा करें।

मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा के लिए

मन की शांति पाने और भीतर सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के लिए प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की मूर्ति या तस्वीर के सामने आसन बिछाकर बैठ जाएं। मूर्ति स्थापना और आसन लगाते समय ध्यान रखें कि आपका मुख पूर्व दिशा की ओर हो और भगवान की प्रतिमा ठीक आपके सामने रहे। सब कुछ व्यवस्थित होने के बाद गहरी सांस लेकर तेज आवाज में केवल 'ॐ' शब्द का 11 बार उच्चारण करें।

शत्रुओं पर विजय और मुकदमे में जीत के लिए

यदि आप शत्रुओं को परास्त करना चाहते हैं या मुकदमे में जीत हासिल करना चाहते हैं, तो प्रदोष व्रत के दिन शिव मंदिर जाएं और शिवलिंग पर धतूरा चढ़ाएं। साथ ही 'ॐ नम: शिवाय:' मंत्र का 108 बार जप करें।

मनचाहा जीवनसाथी और प्रेम के लिए

यदि आप मनचाहा जीवनसाथी पाना चाहते हैं, या विवाह हो चुका है पर उसमें प्रेम का अभाव है, तो रिश्ते में प्रेम कायम करने के लिए प्रदोष व्रत के दिन जल में थोड़ा-सा केसर और कुछ फूल डालकर शिवलिंग पर अर्पित करें।

व्यापार में बढ़ोतरी के लिए

यदि आप अपने व्यापार को बढ़ाना चाहते हैं, तो प्रदोष व्रत के दिन रंगोली के पांच अलग-अलग रंग लें और शाम को शिव मंदिर जाकर उन रंगों से एक छोटी-सी गोल आकृति में रंगोली बनाएं। अब इस रंगोली के बीचों-बीच घी का दीपक जलाएं और अपने व्यापार की उन्नति के लिए भगवान से प्रार्थना करें।

कर्ज से मुक्ति और आर्थिक मजबूती के लिए

यदि आप कर्ज की किश्तों से परेशान हैं, तो कर्ज से छुटकारा पाने और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और माता पार्वती के समक्ष घी का दीपक जलाएं और किसी मिठाई का भोग लगाएं।

भय और डर से मुक्ति के लिए

यदि आपको हर समय किसी न किसी बात का भय बना रहता है, तो इससे बचने के लिए प्रदोष व्रत के दिन बालू, राख, गुड़ और मक्खन मिलाकर शिवलिंग बनाएं और उसका विधि-विधान से पूजन करें। पूजा के बाद उस बालू और राख से बने शिवलिंग को किसी साफ बहते जल के स्रोत में प्रवाहित कर दें।

बुरी नजर से घर की रक्षा के लिए

यदि आपके घर की सुख-समृद्धि को किसी की बुरी नजर लग गई है, तो उससे घर को बचाने के लिए प्रदोष व्रत के दिन हाथ में जौ का आटा लेकर भगवान शंकर के चरणों में स्पर्श कराएं। बाद में उस जौ के आटे की रोटियां बनाकर गाय के बछड़े या बैल को खिला दें।

अच्छे स्वास्थ्य और बेहतर जीवन के लिए

उत्तम स्वास्थ्य और बेहतर जीवन के लिए प्रदोष व्रत के दिन स्नान आदि से निवृत्त होकर अपने घर के आसपास किसी शिव मंदिर में जाएं और शुद्ध जल में कुछ बूंद दूध तथा गंगाजल मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। साथ ही भगवान से अपने अच्छे स्वास्थ्य और बेहतर जीवन की प्रार्थना करें।

विवाह की अड़चनें दूर करने के लिए

यदि किसी कारणवश आपके मनपसंद विवाह में लंबे समय से बाधाएं आ रही हैं, तो उन अड़चनों से मुक्ति पाने के लिए प्रदोष व्रत के दिन स्नान आदि के बाद शिव जी को प्रणाम करें और उनके सामने आसन बिछाकर बैठ जाएं। फिर 'ॐ नम: शिवाय' मंत्र का 11 बार जप करें। जप पूरा होने के बाद भगवान को पुष्प अर्पित करें।

नौकरी में प्रमोशन के लिए

यदि आप सरकारी नौकरी में कार्यरत हैं और लंबे समय से आपका प्रमोशन रुका हुआ है, तो शीघ्र प्रमोशन पाने के लिए प्रदोष व्रत के दिन सवा किलो साबुत चावल लें। अब उनमें से कुछ चावल शिव मंदिर में चढ़ाएं और बाकी चावल किसी जरूरतमंद को दान कर दें।

सुखी दांपत्य जीवन के लिए

यदि आप अपने दांपत्य जीवन को सुखी बनाए रखना चाहते हैं, तो प्रदोष व्रत के दिन स्नान आदि कार्यों से निवृत्त होकर शिव मंदिर जाएं और जल में कुछ बूंद गाय का दूध मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें। इसके बाद 'ॐ नम: शिवाय' मंत्र का 21 बार जप करें। जप पूरा होने पर अपने दांपत्य जीवन को सुखमय बनाए रखने के लिए भगवान के सामने हाथ जोड़कर विनती करें।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!