उपनाम: पुरुषोत्तम मास
हर तीन साल में एक माह तक अखंड सीताराम धुन, छतरपुर की बंबरबेनी पहाड़ी पर सदियों पुरानी परंपरा
छतरपुर जिले के लवकुश नगर स्थित मां बंबरबेनी की पहाड़ी पर हर 3 साल में पूरे 1 महीने तक दिन-रात अखंड सीताराम धुन कीर्तन होता है। मान्यता है कि यह धुन शहर की रक्षा करती है और अच्छी बारिश कराती है।
Adhik Maas 2026: आज खत्म हुआ अधिक मास, जानिए अब किस वर्ष और महीने में आएगा अगला मलमास
15 जून 2026 को सोमवती अमावस्या के संयोग के साथ अधिक मास संपन्न हो गया, जिससे सभी मांगलिक कार्य फिर शुरू हो जाएंगे। अगला अधिक मास वर्ष 2029 में चैत्र माह के दौरान पड़ेगा।
Somvati Amavasya 2026: 30 साल बाद बना दुर्लभ संयोग, पीपल के नीचे यह उपाय खोल सकता है भाग्य के द्वार
साल 2026 में 15 जून को पुरुषोत्तम मास का समापन सोमवती अमावस्या के साथ हो रहा है, जो करीब 30 साल बाद बनने वाला दुर्लभ संयोग है। यह दिन पितृ शांति, विष्णु और शिव की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।
मूंछों वाले स्वरूप में दर्शन देते हैं श्रीकृष्ण, बिना अस्त्र-शस्त्र विराजमान हैं भगवान; 108 दिव्य देशमों में शामिल है यह मंदिर
पुरुषोत्तम मास के समापन से पहले जानिए चेन्नई के श्री पार्थसारथी मंदिर की खास बातें, जहां भगवान श्रीकृष्ण मूंछों वाले स्वरूप में और बिना किसी हथियार के भक्तों को दर्शन देते हैं।
वर्षों बाद बना दुर्लभ संयोग, अधिक मास के प्रदोष व्रत पर करें ये खास उपाय, शिवकृपा से टलेंगे संकट
अधिक मास में पड़ने वाले इस शुक्र प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस दिन भगवान शिव के साथ विष्णु जी की पूजा और कुछ विशेष उपाय करने से जीवन की हर बाधा दूर होती है।
अधिक मास का अंतिम प्रदोष व्रत बेहद शुभ, इन शिवालयों में करें भोलेनाथ का विशेष अभिषेक, खुलेगा शिव धाम का मार्ग
संवत 2083 के अधिक मास का आखिरी प्रदोष व्रत 12 जून शुक्रवार को पड़ रहा है। मान्यता है कि इस दिन हरिद्वार के सिद्ध शिवालयों में विधिपूर्वक रुद्राभिषेक करने पर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और शिव धाम का मार्ग खुलता है।
पितर रूठे हैं? अधिक मास की इस अमावस्या पर हरिद्वार के इन घाटों पर करें पितृ कर्म, स्कंद पुराण में छिपा है उपाय
अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) की पितृ कार्येषु अमावस्या 14 जून को है, जो नाराज पितरों को मनाने का सबसे उत्तम समय माना जाता है। हरिद्वार के पंडित श्रीधर शास्त्री के अनुसार इस दिन हरिद्वार के कुछ खास घाटों पर पितृ कार्य करने से रूठे पितर प्रसन्न होते हैं।
पुरुषोत्तम मास विशेष: नारायण का वह अनोखा मंदिर जिसकी ज़मीन पर कभी नहीं पड़ती परछाईं, दक्षिण भारत का अद्भुत अष्टांग विमान मंदिर
मदुरै में स्थित कूडल अझगर मंदिर भगवान नारायण को समर्पित एक प्राचीन वैष्णव तीर्थ है, जिसके अष्टांग विमान शिखर की परछाईं दोपहर में भी ज़मीन पर नहीं पड़ती। स्थापत्य, आस्था और प्राकृतिक रहस्य का यह संगम भक्तों और पर्यटकों दोनों को आकर्षित करता है।
पुरुषोत्तम मास विशेष: सागर तट पर खड़ा 8वीं सदी का महाबलीपुरम शोर मंदिर, जहां विष्णु संग विराजते हैं भगवान शिव
तमिलनाडु के मामल्लापुरम में बंगाल की खाड़ी के किनारे स्थित आठवीं शताब्दी का शोर मंदिर वह दुर्लभ तीर्थ है, जहां एक ही परिसर में भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों विराजमान हैं। पुरुषोत्तम मास के इस पावन अवसर पर आइए जानें आस्था, इतिहास और स्थापत्य के इस अद्भुत...
तीन वर्ष बाद बना दुर्लभ योग, अधिकमास के संग पूर्ण होगा पुरुषोत्तम मास, एक छोटा उपाय बदल सकता है भाग्य
तीन साल बाद ऐसा संयोग बना है जब अधिकमास की सोमवती अमावस्या के साथ पुरुषोत्तम मास का समापन हो रहा है। मान्यता है कि इस दिन तर्पण, दान और शिव पूजा से पितृ दोष कम होते हैं और जीवन में सुख-शांति आती है।
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी 2026: अधिकमास में कब है यह व्रत? जानिए तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजन की पूरी विधि
ज्येष्ठ अधिकमास की मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत 8 जून, सोमवार को रखा जाएगा। जानिए इस दिन के शुभ मुहूर्त और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने का सही तरीका।
तीन वर्ष बाद अधिकमास में बना सोमवती अमावस्या का दुर्लभ योग, एक उपाय से दूर होगा पितृ दोष और मिलेगा पुण्य फल
इस बार पुरुषोत्तम मास में सोमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो करीब तीन साल में एक बार आता है। मान्यता है कि इस दिन पितरों का तर्पण, दान और भगवान शिव की पूजा करने से पितृ दोष में राहत और विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
मलमास के अंतिम पक्ष की एकादशी क्यों है इतनी खास, इन मंत्रों से करें भगवान विष्णु की उपासना और बदलें भाग्य
मलमास के अंतिम पक्ष में पड़ने वाली एकादशी का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु और सूर्य देव की आराधना से जीवन में सुख-समृद्धि आने और सोई हुई किस्मत के जागने की मान्यता है।