फरीदाबाद: 600 गज का पार्क बना जहरीले सांपों का तालाब, 10 साल से सुविधाओं को तरस रहे लोग हरियाणा एक घंटा पहले 2
फरीदाबाद के सोतई गांव की सपेरा कॉलोनी में बच्चों और बुजुर्गों के लिए छोड़ी गई करीब 600 गज जमीन आज गंदे पानी और दलदल से भरे तालाब में बदल चुकी है, जहां से निकलते जहरीले सांपों ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है।

हरियाणा के फरीदाबाद स्थित सोतई गांव की सपेरा कॉलोनी में कॉलोनीवासियों की सहूलियत के लिए करीब 600 गज जमीन पार्क के नाम पर छोड़ी गई थी। इरादा साफ था कि बच्चों को खेलने की सुरक्षित जगह मिले, बुजुर्ग सुबह-शाम टहल सकें और लोगों को खुली हवा में बैठने का ठिकाना मिले। लेकिन आज यही पार्क अपने वजूद के लिए तरस रहा है।

पार्क की जगह अब एक गहरे तालाब ने ले ली है, जहां घुटनों से लेकर कमर तक पानी भरा रहता है। बरसात के मौसम में हालात और भी डरावने हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जगह अब पार्क नहीं, बल्कि जहरीले सांपों का अड्डा बन चुकी है।

पार्क नहीं बना, तालाब जरूर बन गया

कॉलोनी के श्याम नाथ बताते हैं कि 600 गज जमीन पार्क के लिए दी गई थी, मगर पार्क तो बना नहीं और तालाब जरूर तैयार हो गया। उनके मुताबिक पानी इतना ज्यादा भर जाता है कि कोई व्यक्ति अंदर चला जाए तो डूब सकता है। अंदर इतनी दलदल है कि आदमी का अता-पता तक नहीं चलेगा। बरसात में यहां से निकलना मुश्किल हो जाता है और गलियों में पानी भर जाता है।

उनका कहना है कि इसी तालाब की वजह से जहरीले सांप बाहर निकलते हैं, जिससे बच्चे डरे रहते हैं और शाम होते ही घरों में कैद हो जाते हैं।

‘नरक का तालाब बन गया’

स्थानीय निवासी बनवारी नाथ कहते हैं कि सरकार ने पार्क बनाने के लिए जमीन दी थी, पर यह जोहड़ में तब्दील हो गया। उनके अनुसार अगर पार्क बन जाता तो बच्चे खेलते, बुजुर्ग बैठते और सुबह-शाम टहलने की अच्छी जगह होती, लेकिन यह तो नरक का तालाब बनकर रह गया है।

उन्होंने बताया कि गांव में नाली न होने के कारण घरों का सारा पानी यहीं आकर जमा होता है। इसी तालाब से जहरीले सांप निकलते हैं और कई लोगों को सांप काट चुके हैं, जिन्हें अस्पताल ले जाकर किसी तरह बचाया गया।

‘पूरी कॉलोनी का सत्यानाश’

स्थानीय निवासी नौरम नाथ का कहना है कि सिर्फ पार्क ही नहीं, बल्कि पूरी कॉलोनी का सत्यानाश हो चुका है। उनके मुताबिक वोट मांगने के लिए नेता तो आते हैं, लेकिन सुविधा के नाम पर सब कुछ शून्य है। सरकार ने लोगों की सहूलियत के लिए पार्क की जगह छोड़ी थी, मगर वहां आज तालाब बना हुआ है और कोई पार्क नहीं बनाया गया।

करीब 10 से 12 साल पुरानी इस कॉलोनी के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं का इंतजार कर रहे हैं। जिस जमीन पर बच्चों की हंसी गूंजनी चाहिए थी, वहां आज दलदल, गंदा पानी और जहरीले सांपों का बसेरा है।

लोगों की मांगें और सवाल

स्थानीय लोगों के अनुसार करीब 600 गज जमीन पार्क के लिए छोड़ी गई थी, जो अब पूरी तरह तालाब में बदल चुकी है और सालभर यहां पानी तथा दलदल बना रहता है। पानी भराव, दलदल और लगातार निकलते जहरीले सांपों के कारण कॉलोनी में डर का माहौल है।

लोगों का दावा है कि कई बार सांप काटने की घटनाएं हो चुकी हैं और पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। निवासियों की प्रशासन से मांग है कि इस तालाबनुमा पार्क की सफाई कराकर उसे विकसित किया जाए और जल निकासी की व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों और बुजुर्गों को एक सुरक्षित सार्वजनिक स्थान मिल सके।

चुनाव के दौरान किए गए विकास के वादे अब लोगों को सिर्फ यही याद दिलाते हैं कि उनके सपनों का पार्क कागजों में तो मौजूद है, पर जमीन पर वह एक खतरनाक तालाब में बदल चुका है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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