हरियाणा
एक घंटा पहले
5
विचारों
फरीदाबाद की नेहरू कॉलोनी इन दिनों गहरी बेचैनी की गिरफ्त में है। यहां बसे हजारों परिवारों के सामने एक ही सवाल बार-बार खड़ा हो रहा है कि अगर उनके घर ढहा दिए गए तो वे आखिर जाएंगे कहां। नमो भारत कॉरिडोर के लिए जिस तोड़फोड़ की योजना सामने आई है, उसके विरोध में लोगों का प्रदर्शन लगातार जारी है।
कॉलोनी में भावुक और तनावपूर्ण माहौल
जब इलाके में पहुंचकर हालात को करीब से देखा गया तो वहां का नजारा बेहद भावुक करने वाला और तनाव से भरा हुआ था। घर बचाने की उम्मीद और उजड़ जाने का डर, दोनों एक साथ लोगों के चेहरों पर साफ झलक रहे थे। परिवारों का कहना है कि पीढ़ियों से वे इसी जगह रह रहे हैं और अब अचानक उन्हें बेघर होने की आशंका सता रही है।
कांग्रेस का अनिश्चितकालीन धरना
नगर निगम की प्रस्तावित कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है और अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान किया है। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, वहीं क्राइम ब्रांच की टीमें भी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद हैं।
क्यों हो रही है तोड़फोड़
इस पूरी कवायद की जड़ में गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा रूट पर बनने वाला नमो भारत रीजनल रैपिड कॉरिडोर है। इसी प्रस्तावित निर्माण के चलते नेहरू कॉलोनी के मकानों पर तोड़फोड़ का खतरा मंडरा रहा है।
'सालों की मेहनत से बना घर, अब कहां जाएं'
दूसरों के घरों में झाड़ू-पोछा कर अपने परिवार का पेट पालने वाली संतोष की आंखें भर आती हैं। वह बताती हैं कि बरसों की मेहनत के बाद उन्होंने अपना छोटा-सा आशियाना खड़ा किया था। अब जब उसे गिराने की बात हो रही है तो उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर वे जाएंगे कहां।
स्थानीय लोगों के लिए यह सिर्फ एक मकान नहीं, बल्कि पीढ़ियों की यादों और जिंदगी भर की कमाई का सहारा है, जिसके छिन जाने का डर उन्हें अंदर तक झकझोर रहा है।
Comments
0 comment