राजस्थान
2 महीने पहले
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सुरक्षा मानकों की जमीनी हकीकत
जयपुर में सड़क परिवहन निगम की बसों में आग से बचाव के इंतजामों को लेकर एक विस्तृत पड़ताल की गई। इस रियलिटी चेक के दौरान यह साफ हुआ कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए विभाग के दावे कितने सच हैं। जांच के दौरान यह सकारात्मक तथ्य सामने आया कि बसों के बड़े हिस्से में फायर एक्सटिनग्यूशर लगे हुए हैं। यह उपकरण आपातकालीन स्थिति में आग पर तुरंत काबू पाने के लिए काफी मददगार साबित हो सकते हैं।
पुरानी बसों में सुरक्षा की कमी
हालांकि, इस जांच का दूसरा पहलू चिंताजनक भी रहा। पड़ताल में सामने आया कि जो बसें पुरानी हो चुकी हैं या जिन्हें कंडम घोषित किया जा चुका है, उनमें सुरक्षा उपकरणों का अभाव है। ऐसी कई बसों में फायर एक्सटिनग्यूशर नहीं पाए गए, जो सीधे तौर पर यात्रियों की सुरक्षा के साथ समझौता है।
प्रशिक्षण और आधुनिक सिस्टम पर जोर
रोडवेज प्रशासन का इस मामले पर कहना है कि वे अपने कर्मचारियों को लेकर सतर्क हैं। ड्राइवरों और कंडक्टरों को समय समय पर फायर सेफ्टी का प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि आपदा के वक्त वे सही कदम उठा सकें। इसके अलावा, निगम के बेड़े में शामिल की जा रही नई बसों में अत्याधुनिक फायर सेफ्टी सिस्टम लगाए जा रहे हैं। परिवहन मंत्री ने इस पूरी व्यवस्था पर अपनी संतुष्टि जाहिर करते हुए स्पष्ट किया है कि यात्रियों की जान बचाना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।
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