कटरा से श्रीनगर के बीच बनेंगी 25 सुरंगें, आधे दिन का सफर सिमटकर रह जाएगा 3 घंटे में, खर्च होंगे 12 हजार करोड़ व्यापार 5 घंटे पहले 3
माता वैष्णो देवी कटरा से श्रीनगर के बीच सरकार 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से 4 लेन हाई स्पीड कॉरिडोर बनाने जा रही है, जिससे यह दूरी सिर्फ 3 घंटे में तय हो सकेगी और कश्मीर घाटी में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

माता वैष्णो देवी कटरा से श्रीनगर तक का सफर अब तक यात्रियों के लिए किसी कठिन इम्तिहान से कम नहीं था, लेकिन जल्द ही यह दूरी महज 3 घंटे के आरामदायक सफर में बदल जाएगी। सरकार दोनों शहरों को जोड़ने के लिए एक नया हाईवे बनाने जा रही है, जिस पर करीब 12 हजार करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। इसके तैयार होने पर आवाजाही जहां बेहद आसान होगी, वहीं इलाके में पर्यटन को भी नई रफ्तार मिलेगी।

4 लेन हाई स्पीड कॉरिडोर से बदलेगी तस्वीर

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में जानकारी दी कि कटरा और श्रीनगर के बीच 4 लेन का हाई स्पीड कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। उनके मुताबिक फिलहाल दोनों शहरों के बीच आने-जाने में करीब 6 घंटे लग जाते हैं, लेकिन नया कॉरिडोर बनने के बाद यही दूरी सिर्फ 3 घंटे में पूरी हो जाएगी। इस परियोजना पर लगभग 12 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे और पूरा होने के बाद यह कश्मीर घाटी तक पहुंचने का सबसे तेज और सबसे छोटा रास्ता बन जाएगा।

125 किलोमीटर कॉरिडोर का बन रहा डीपीआर

गडकरी ने बताया कि इस पूरे मार्ग को तैयार करने के लिए 125 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का डीपीआर बनाने का काम चल रहा है। इस रिपोर्ट के तैयार होने के बाद ही हाईवे का अंतिम रूट, उसका डिजाइन, निर्माण की प्रक्रिया, पर्यावरण पर पड़ने वाला असर और बाकी जरूरी जानकारियां सामने आएंगी। डीपीआर को मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

सबसे तेज रूट बनेगा यह कॉरिडोर

मंत्री के अनुसार श्रीनगर से कटरा तक बनने वाले इस 4 लेन हाई स्पीड कॉरिडोर के बाद दोनों शहरों के बीच लोगों की आवाजाही बेहद सुगम हो जाएगी और यह अब तक का सबसे तेज रास्ता साबित होगा। इस रूट से न सिर्फ यात्रा आसान होगी, बल्कि लगने वाला समय भी काफी घट जाएगा। कॉरिडोर के बनने के बाद कश्मीर घाटी में पर्यटन में बड़ा उछाल आने की उम्मीद है।

हर मौसम में जुड़ी रहेगी घाटी

गडकरी ने कहा कि हाई स्पीड कॉरिडोर के तैयार होने के बाद घाटी तक हर मौसम में बेहतर आवाजाही संभव हो सकेगी। इससे पर्यटन, होटल कारोबार, ट्रांसपोर्ट सेवा और स्थानीय बाजार का भी विस्तार होगा। आर्थिक गतिविधियां बढ़ने के साथ-साथ विकास को भी बल मिलेगा। जो लोग अपनी आमदनी के लिए पर्यटन पर निर्भर हैं, उन्हें ज्यादा कमाई का अवसर मिलेगा और रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।

25 में से 20 सुरंगें बनकर तैयार

मंत्री ने बताया कि श्रीनगर से जम्मू और कटरा के बीच की दूरी सिर्फ 3 घंटे में तय करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे काफी हद तक पूरा भी कर लिया गया है। इस कॉरिडोर के लिए कुल 25 सुरंगें बनाई जाएंगी, जिनमें से 20 का निर्माण पूरा हो चुका है। इन सुरंगों के बनने से दूरी में करीब 70 किलोमीटर की कमी आएगी और रास्ता आसान होने के साथ छोटा भी हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस हाईवे पर अब 9 घंटे के बजाय सिर्फ 4 घंटे का समय लगेगा।

श्रीनगर से लद्दाख के लिए भी कॉरिडोर

सरकार श्रीनगर से लद्दाख तक भी हाई स्पीड कॉरिडोर तैयार करने जा रही है, जिस पर करीब 18 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। गडकरी ने कहा कि जोजिला में सुरंग बनने के बाद इस मार्ग पर आवाजाही और भी आसान हो जाएगी। यह सुरंग कारगिल और लेह के बीच आवाजाही को सुगम बनाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बेहतर बनाने के लिए सड़क कनेक्टिविटी पर करीब 2 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

50 हजार करोड़ की 4 परियोजनाएं जारी

फिलहाल जम्मू-कश्मीर में 50 हजार करोड़ रुपये की 4 हाई स्पीड कॉरिडोर परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें जम्मू-ऊधमपुर-श्रीनगर, जम्मू-चेनानी-अनंतनाग, श्रीनगर-बारामूला-उरी और जम्मू-अखनूर शामिल हैं। इन कॉरिडोर के पूरा होने के बाद अधिकांश इलाकों तक आवाजाही आसान हो जाएगी। गडकरी ने कहा कि प्रदेश के हर पर्यटन क्षेत्र तक बेहतर कनेक्टिविटी पहुंचाना ही सरकार का मुख्य लक्ष्य है।

चेतन शुक्ला
Official Verified Account

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!