बिहार
एक घंटा पहले
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सीतामढ़ी: शहर में रविवार को उस वक्त माहौल गरमा गया, जब बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग की मंत्री और शिवहर से जदयू विधायक श्वेता गुप्ता के आवास परिसर में प्रशासनिक अमला बुलडोजर लेकर जा पहुंचा। कार्रवाई की भनक लगते ही बड़ी तादाद में स्थानीय लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और पूरे क्षेत्र में इस घटना को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। मिली जानकारी के मुताबिक प्रशासन ने सरकारी भूमि पर हुए कथित अवैध अतिक्रमण को हटाने के मकसद से यह कदम उठाया।
सुरक्षा के बीच हटाया गया अतिक्रमण
अधिकारियों की मौजूदगी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण वाले हिस्से को ध्वस्त किया गया। प्रशासन के अनुसार यह कार्रवाई सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के अभियान के तहत नियमों के मुताबिक की गई। घटना के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस बल भी तैनात रहा। कार्रवाई को देखने के लिए आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई, जिसके बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी इस घटनाक्रम को लेकर सरगर्मी तेज हो गई।
सभी पर एक समान रुख
प्रशासन ने साफ किया है कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह के अवैध कब्जे के खिलाफ बिना भेदभाव के एक समान कार्रवाई की जा रही है और हर कदम कानून के दायरे में रहकर ही उठाया गया है। फिलहाल इस मामले को लेकर संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों के विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है। अधिकारियों की ओर से पूरी रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि अतिक्रमण का दायरा कितना था और कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया किस तरह पूरी की गई।
मंत्री के पति ने रखा अपना पक्ष
इस पूरी कार्रवाई पर मंत्री श्वेता गुप्ता के पति डॉक्टर वरुण कुमार ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वे सीतामढ़ी की जनता को यह बताना चाहते हैं कि यहां बांध के चौड़ीकरण का काम चल रहा है और इसी चौड़ीकरण के दायरे में उनकी बाउंड्रीवाल भी आ रही थी, जिसे उन्होंने खुद खड़े होकर गिरवाया।
सरकार और प्रशासन की मदद करना हमारा पहला कर्तव्य है। हमने प्रशासन का सहयोग किया और बाउंड्रीवाल हटाकर लोगों के सामने यह उदाहरण पेश किया कि चाहे आम आदमी हो या मंत्री, सभी की जवाबदेही बनती है कि वे सरकार का समर्थन करें। सभी लोग आगे बढ़कर प्रशासन की मदद करें।
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