राष्ट्रीय राजनीति
एक घंटा पहले
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भूटान के पुनाखा में आए शक्तिशाली भूकंप ने पूरे दक्षिण एशिया को दहला दिया. रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.6 मापी गई और इसका असर एक साथ कई देशों में देखने को मिला. आधी रात को अचानक ज़मीन हिलने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई और वे जान बचाने के लिए घरों से बाहर की ओर दौड़ पड़े.
बेहद कम गहराई ने बढ़ाई तबाही की आशंका
यह भूकंप ज़मीन से महज 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर आया, जिसके चलते इसके झटके कहीं ज़्यादा तेज़ और खतरनाक महसूस हुए. भूटान की राजधानी थिम्पू और पारो समेत कई जिलों में इमारतें इस कदर हिलने लगीं मानो ताश के पत्तों का ढेर डगमगा रहा हो. कम गहराई पर आने वाले भूकंप आमतौर पर सतह पर अधिक नुकसान पहुंचाते हैं, यही वजह है कि प्रशासन इसे लेकर सतर्क है.
पांच देशों तक पहुंची कंपन की लहर
पुनाखा में आए इस भूकंप के झटके सिर्फ भूटान तक सीमित नहीं रहे. भारत के असम, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी लोगों ने तेज़ कंपन महसूस किया. इसके अलावा नेपाल, बांग्लादेश और चीन तक इसका असर पहुंचा. एक साथ इतने बड़े इलाके में धरती हिलने से सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग सहम गए.
प्रशासन सतर्क, आफ्टरशॉक्स को लेकर चेतावनी
फिलहाल स्थानीय प्रशासन भूकंप से हुए नुकसान का आकलन करने में जुटा हुआ है. राहत एवं बचाव से जुड़ी एजेंसियां स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं. लोगों को आगाह किया गया है कि वे आने वाले समय में आफ्टरशॉक्स यानी हल्के बाद के झटकों को लेकर सावधान रहें और सुरक्षित स्थानों पर बने रहें.
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