बिना कोचिंग और सेल्फ-स्टडी के आदित्य ने हासिल की सफलता, असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा में लहराया परचम करियर एक घंटा पहले 2
छतरपुर के आदित्य कुमार प्रजापति ने कड़ी मेहनत और सेल्फ-स्टडी के दम पर मध्य प्रदेश असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा पास कर ली है। उन्होंने किसी भी कोचिंग का सहारा लिए बिना यूट्यूब और अपने विषयों की समझ से यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

सफलता की कहानी

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा 2024 के परिणाम घोषित हो चुके हैं। इस परीक्षा में छतरपुर जिले के चंदला निवासी 26 साल के आदित्य कुमार प्रजापति ने भूगोल विषय में सफलता प्राप्त की है। अपनी इस कामयाबी के पीछे की कहानी बताते हुए आदित्य ने कहा कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के यह मुकाम हासिल किया है।

शिक्षा और करियर का सफर

आदित्य की प्रारंभिक शिक्षा चंदला स्थित सरस्वती विद्या मंदिर से हुई है। उच्च शिक्षा के लिए वे प्रयागराज चले गए, जहाँ से उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से एमए किया और वर्तमान में वे वहीं से पीएचडी कर रहे हैं। उनके माता-पिता दोनों ही चंदला में प्राथमिक शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।

मुश्किलों से मिली सीख

आदित्य का सफर आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि वे यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली भी गए थे, लेकिन कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण उन्हें वापस घर लौटना पड़ा। इसके बाद उन्होंने नेट जेआरएफ परीक्षा पास की। इससे पहले वे एमपीपीएससी राज्य सेवा परीक्षा में दो बार मेंस तक पहुंचे थे, लेकिन सफलता नहीं मिली। साथ ही, 2021 में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती परीक्षा में वे इंटरव्यू तक पहुंचे थे, मगर अंतिम चयन से चूक गए थे।

सेल्फ स्टडी और यूट्यूब का सहारा

आदित्य का मानना है कि सफलता के लिए महंगी कोचिंग जरूरी नहीं है। उन्होंने अपनी पूरी तैयारी सेल्फ स्टडी के माध्यम से की और यूट्यूब पर मौजूद फ्री क्लासेस का भरपूर लाभ उठाया। उन्होंने किसी भी तरह का ऑनलाइन या ऑफलाइन पेड कोर्स नहीं खरीदा। पीएचडी के दौरान छात्रों को पढ़ाने के अनुभव ने भी उन्हें विषय की गहराई समझने में मदद की।

नए अभ्यर्थियों के लिए टिप्स

सफलता प्राप्त करने के इच्छुक छात्रों के लिए आदित्य ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए हैं:

  • एमपीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट से सिलेबस डाउनलोड करें और उसी के अनुसार पढ़ाई करें।
  • मानक पुस्तकों का अध्ययन करें और अवधारणाओं को स्पष्ट रखें।
  • दूसरे राज्यों की असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षाओं के पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करें और उनका विश्लेषण करें।
  • यदि पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान पढ़ाई पर ध्यान दिया जाए, तो यूजीसी नेट और असिस्टेंट प्रोफेसर जैसी परीक्षाएं आसानी से पास की जा सकती हैं।
अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!