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एक दिन पहले
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तैयारी के लिए मिला अतिरिक्त समय
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर है। आवेदन करने की अंतिम तिथि अब 20 जुलाई तक बढ़ा दी गई है, जिससे छात्रों को अपनी रणनीति को और बेहतर करने के लिए अतिरिक्त वक्त मिल गया है। इस परीक्षा के पेपर-1 और पेपर-2 में गणित एक अनिवार्य और स्कोरिंग विषय है, जिसमें अच्छे अंक हासिल करना चयन के लिए बहुत जरूरी है।
नियमित अभ्यास ही है सफलता की कुंजी
विशेषज्ञ श्वेता कुमारी का मानना है कि गणित को रटने के बजाय रोजाना अभ्यास करना चाहिए। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे हर दिन कम से कम डेढ़ घंटे का समय केवल गणित के लिए निकालें। नियमित प्रैक्टिस करने से न केवल सवालों को हल करने की गति बढ़ती है, बल्कि कठिन लगने वाले टॉपिक्स भी सरल लगने लगते हैं।
इन टॉपिक्स पर रखें पैनी नजर
परीक्षा में बेहतर परिणाम के लिए कुछ महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर पकड़ बनाना जरूरी है, जिन पर विशेष ध्यान देना चाहिए:
- संख्या पद्धति और भिन्न
- प्रतिशत और लाभ-हानि
- अनुपात, समानुपात और औसत
- समय और कार्य
- क्षेत्रमिति और ज्यामिति
- बीजगणित और डेटा हैंडलिंग
ध्यान रखें कि कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8 के स्तरों के अनुसार प्रश्नों का कठिनाई स्तर बदल सकता है, इसलिए बुनियादी सिद्धांतों को समझना अनिवार्य है।
पेडागॉजी की अनदेखी न करें
अक्सर अभ्यर्थी केवल गणितीय गणनाओं पर ही ध्यान केंद्रित करते हैं और गणित शिक्षण पद्धति यानी Mathematics Pedagogy को नजरअंदाज कर देते हैं। परीक्षा में इस सेक्शन से काफी प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें बच्चों को गणित सिखाने की विधियां, मूल्यांकन की तकनीक और समस्या समाधान आधारित शिक्षण जैसे पहलुओं को समझना आवश्यक है।
पुराने प्रश्नपत्रों से करें तैयारी
परीक्षा के पैटर्न को समझने और समय का सही प्रबंधन करने के लिए पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों और मॉडल पेपरों को हल करना बेहद कारगर साबित होता है। श्वेता कुमारी के अनुसार, यदि अभ्यर्थी सही अवधारणाओं, नियमित अभ्यास और शिक्षण पद्धति पर ध्यान दें, तो वे जेटीईटी में सफलता प्राप्त कर शिक्षक बनने का अपना लक्ष्य आसानी से हासिल कर सकते हैं।
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