पढ़ाई के साथ शानदार कमाई का मौका: पारंपरिक चिकित्सा में रिसर्च के लिए मिलेगी 75,000 रुपये तक की फेलोशिप करियर एक घंटा पहले 4
फोरम ऑन इंडियन ट्रेडिशनल मेडिसिन (FITM) ने डॉक्टोरल और पोस्ट-डॉक्टोरल रिसर्च फेलोशिप के लिए आवेदन मांगे हैं, जिसके तहत चयनित शोधकर्ताओं को हर महीने 75,000 रुपये तक का स्टाइपेंड दिया जाएगा।

उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने वाले छात्रों के लिए सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक संसाधनों की होती है। अक्सर आर्थिक तंगी के कारण बेहतरीन विचार और शोध कार्य बीच में ही थम जाते हैं। लेकिन अगर आप भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और इससे जुड़ी नीतियों पर शोध करने में रुचि रखते हैं, तो आपके लिए एक बेहतरीन अवसर सामने आया है। ‘फोरम ऑन इंडियन ट्रेडिशनल मेडिसिन’ (FITM) ने डॉक्टोरल और पोस्ट-डॉक्टोरल रिसर्च फेलोशिप 2026 के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस फेलोशिप के तहत चयनित शोधकर्ताओं को हर महीने 75,000 रुपये तक का भारी-भरकम स्टाइपेंड दिया जाएगा, जिससे वे बिना किसी आर्थिक चिंता के अपनी रिसर्च को पूरा कर सकेंगे।

पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धतियां जैसे आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी आज के समय में न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। इन क्षेत्रों में नई नीतियों और शोध की दिशा तय करने के लिए युवाओं के नए विचारों की बेहद जरूरत है। इसी उद्देश्य के साथ FITM इस फेलोशिप के जरिए देश के प्रतिभाशाली युवाओं को एक बड़ा मंच प्रदान कर रहा है।

क्या है FITM रिसर्च फेलोशिप?

फोरम ऑन इंडियन ट्रेडिशनल मेडिसिन (FITM) की इस फेलोशिप का मुख्य उद्देश्य भारतीय पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों से जुड़ी नीतियों पर शोध को बढ़ावा देना है। यह फेलोशिप उन छात्रों के लिए एक सुनहरा मौका है जो इस क्षेत्र में अकादमिक और नीतिगत सुधारों के लिए काम करना चाहते हैं।

इस फेलोशिप कार्यक्रम के तहत कुल 10 सीटों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इन सीटों को दो मुख्य श्रेणियों में समान रूप से विभाजित किया गया है:

  • AYUSH श्रेणी: इसके तहत कुल 5 सीटें आरक्षित की गई हैं, जो आयुष चिकित्सा पद्धतियों से जुड़े शोधकर्ताओं के लिए हैं।
  • Non-AYUSH श्रेणी: इसके तहत भी कुल 5 सीटें रखी गई हैं, जो आयुष के अलावा अन्य विषयों से संबंध रखने वाले शोधार्थियों के लिए उपलब्ध होंगी।

यह वर्गीकरण डॉक्टोरल और पोस्ट-डॉक्टोरल दोनों ही स्तरों के शोधकर्ताओं के लिए समान रूप से लागू होता है, जिससे दोनों ही क्षेत्रों के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा अवसर मिल सके।

फेलोशिप के तहत मिलने वाली आर्थिक मदद

इस फेलोशिप की सबसे बड़ी खासियत इसकी आकर्षक स्टाइपेंड राशि है, जो शोध के दौरान छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने का काम करती है। अलग-अलग स्तरों के लिए स्टाइपेंड की दरें इस प्रकार निर्धारित की गई हैं:

  • डॉक्टोरल फेलो (Doctoral Fellows): पीएचडी या डॉक्टोरल स्तर पर शोध कर रहे छात्रों को हर महीने 70,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
  • पोस्ट-डॉक्टोरल फेलो (Post-Doctoral Fellows): डॉक्टरेट की पढ़ाई पूरी करने के बाद आगे का शोध करने वाले पोस्ट-डॉक्टोरल शोधकर्ताओं को हर महीने 75,000 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाएगा।

यह राशि शोधार्थियों को अपने शोध कार्यों से जुड़े आवश्यक संसाधनों को जुटाने और पूरे समर्पण के साथ काम करने में मदद करेगी।

आवेदन के लिए योग्यता और मुख्य शर्तें

FITM रिसर्च फेलोशिप का लाभ उठाने के लिए आवेदकों को कुछ अनिवार्य मानदंडों को पूरा करना होगा, जो इस प्रकार हैं:

  • नागरिकता: आवेदन करने वाले उम्मीदवार का भारत का नागरिक होना अनिवार्य है। विदेशी नागरिक इस फेलोशिप के लिए पात्र नहीं होंगे।
  • शोध का विषय: आवेदक का शोध विषय पूरी तरह से भारतीय पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली या उससे संबंधित सरकारी और सामाजिक नीतियों के विश्लेषण पर केंद्रित होना चाहिए।

इन विषयों पर रिसर्च करने वालों को नहीं मिलेगा मौका

फेलोशिप के नियमों के अनुसार, कुछ विशिष्ट वैज्ञानिक और तकनीकी शोध विषयों को इस कार्यक्रम से बाहर रखा गया है। यदि आपका रिसर्च प्रोजेक्ट निम्नलिखित विषयों पर आधारित है, तो आप इस फेलोशिप के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे:

  • फार्माकोलॉजिकल (Pharmacological) रिसर्च
  • क्लिनिकल (Clinical) ट्रायल और रिसर्च
  • फार्माकोग्नोसी (Pharmacognosy) से जुड़े शोध कार्य

इसलिए आवेदन करने से पहले अपने रिसर्च प्रपोजल (शोध प्रस्ताव) की दिशा और विषय को अच्छी तरह से जांच लें।

आवेदन करने की अंतिम तिथि और प्रक्रिया

इस बेहतरीन अवसर का लाभ उठाने के लिए उम्मीदवारों को समय रहते ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल है और इसकी महत्वपूर्ण तिथियां इस प्रकार हैं:

  • अंतिम तिथि: ऑनलाइन आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 11 अक्टूबर 2026 तय की गई है।
  • समय सीमा: योग्य उम्मीदवार इस तारीख को रात 11:59 बजे तक अपना आवेदन फॉर्म ऑनलाइन सबमिट कर सकते हैं। अंतिम समय की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए समय से पहले आवेदन करने की सलाह दी जाती है।
  • आधिकारिक वेबसाइट: फेलोशिप से जुड़ी अन्य विस्तृत जानकारी, नियम-शर्तें और ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरने के लिए उम्मीदवारों को FITM की आधिकारिक वेबसाइट fitm.ris.org.in पर जाना होगा।

पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में करियर बनाने और देश की नीतियों में अपना योगदान देने के इच्छुक युवाओं के लिए यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण और लाभकारी योजना साबित हो सकती है। अपनी योग्यता के अनुसार आज ही वेबसाइट पर जाकर सभी दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ें और अपना आवेदन सुनिश्चित करें।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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