बीपीएससी में जमशेदपुर के अंकित शर्मा का जलवा, दूसरी कोशिश में बने एसडीएम करियर 2 महीने पहले 102
जमशेदपुर के रहने वाले अंकित शर्मा ने बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 218वीं रैंक हासिल कर एसडीएम का पद प्राप्त किया है। इंजीनियरिंग और नौकरी छोड़कर सिविल सेवा की राह चुनने वाले अंकित ने यह सफलता सेल्फ स्टडी के दम पर हासिल की है।

संघर्षों के बीच मिली बड़ी सफलता

जमशेदपुर के निवासी अंकित शर्मा ने बिहार लोक सेवा आयोग की वर्ष 2026 की परीक्षा में 218वीं रैंक हासिल कर उप-विभागीय मजिस्ट्रेट यानी एसडीएम के पद के लिए जगह बनाई है। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि उन तमाम छात्रों के लिए भी प्रेरणा है जो विषम परिस्थितियों में अपने सपनों को उड़ान देना चाहते हैं। अंकित ने यह मुकाम अपने दूसरे प्रयास में हासिल किया है।

पिता को खोने के बाद नहीं मानी हार

अंकित के लिए यह सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था। उनके पिता परमेश्वर शर्मा शहर के प्रसिद्ध केमिस्ट्री शिक्षक थे, जिनका 6 महीने पहले दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। इस दुखद घड़ी में भी अंकित ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी मां इंदु शर्मा के समर्थन से पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित रखा। उन्होंने साबित कर दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति के आगे बड़ी से बड़ी मुसीबत भी छोटी पड़ जाती है।

इंजीनियरिंग से सिविल सेवा तक का सफर

अंकित की शैक्षणिक पृष्ठभूमि तकनीकी रही है। उन्होंने मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल से दसवीं और मुसाबनी से बारहवीं पूरी की। इसके बाद वर्ष 2016 से 2021 तक भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) ग्वालियर से बीटेक की डिग्री हासिल की। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने जर्मनी की एक बड़ी आईटी कंपनी नागारो के साथ गुरुग्राम में डेटा एनालिसिस का काम किया। उन्होंने फ्रीलांसिंग के जरिए भी कई प्रोजेक्ट्स पर अपनी प्रतिभा दिखाई।

बिना कोचिंग के सेल्फ स्टडी पर भरोसा

कॉरपोरेट क्षेत्र की अच्छी नौकरी को छोड़कर साल 2023 में अंकित ने पूरी तरह से सिविल सेवा की तैयारी का रुख किया। उन्होंने किसी भी महंगे कोचिंग संस्थान का सहारा लेने के बजाय खुद ही पढ़ाई करने का फैसला लिया। पहले प्रयास में असफल होने के बावजूद उन्होंने अपनी कमियों को समझा और दोबारा पूरी तैयारी के साथ परीक्षा दी।

दूसरों के लिए बन रहे प्रेरणा स्रोत

अपनी पढ़ाई के दौरान अंकित ने 'कैवल्य' (KAIVALYA) नामक एक ऑनलाइन शिक्षा मंच भी शुरू किया। आज इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 14 हजार से अधिक विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। अंकित की यह सफलता बताती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत करने की लगन हो, तो किसी भी बड़े पद को हासिल किया जा सकता है।

रितु चौधरी पाबना की शिक्षा एवं रोजगार रिपोर्टर हैं, जो रिजल्ट, भर्ती और सरकारी नौकरियों पर रिपोर्टिंग करती हैं। परीक्षा परिणाम, नोटिफिकेशन और भर्ती प्रक्रिया की ताजा जानकारी वे सटीकता से देती हैं। नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए उनकी रिपोर्ट्स बेहद उपयोगी हैं।

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