नागपुर से चल रहा था करोड़ों का खेल: ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट का पर्दाफाश, 26 मोबाइल और 85 एटीएम कार्ड जब्त छत्तीसगढ़ एक महीने पहले 19
दुर्ग पुलिस ने नागपुर में संचालित ऑनलाइन सट्टा सेंटर पर छापा मारकर मास्टरमाइंड निशांत गुप्ता समेत 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो हर महीने करीब डेढ़ करोड़ रुपये का अवैध लेन-देन कर रहे थे।

दुर्ग पुलिस ने एक बड़े अंतर्राज्यीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए मास्टरमाइंड निशांत गुप्ता समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने नागपुर में चल रहे ऑनलाइन सट्टा सेंटर पर छापा मारकर आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया। यह गिरोह उत्तर प्रदेश और बिहार के युवकों को जोड़कर सट्टे का कारोबार चला रहा था, जिसके जरिए करोड़ों रुपये का अवैध लेन-देन हो रहा था।

कैसे फैला था सट्टे का जाल

जानकारी के मुताबिक गिरोह ने उत्तर प्रदेश और बिहार के युवकों को संगठित कर अवैध सट्टा कारोबार खड़ा किया था। इसी नेटवर्क के सहारे करोड़ों रुपये का गैरकानूनी कारोबार फल-फूल रहा था। पुलिस अब पूरे वित्तीय नेटवर्क की विस्तृत जांच में जुटी है।

बरामद सामान का ब्योरा

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद किए हैं। इनमें शामिल हैं:

  • 26 मोबाइल
  • 03 लैपटॉप
  • 02 आईपैड
  • 85 एटीएम कार्ड
  • 18 पास बुक
  • 45 सिम कार्ड

ऑनलाइन सट्टे के पैसों के लेन-देन के लिए फर्जी और बेईमानी से हासिल किए गए बैंक खातों, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने अवैध कमाई से खरीदे गए करीब 23 लाख रुपये मूल्य के सोने और डायमंड के आभूषण भी जब्त किए हैं।

जगह बदल-बदलकर चला रहा था कारोबार

गिरोह ने अवैध धन को छिपाने और खपाने के लिए बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों का सहारा लिया। बताया जा रहा है कि मास्टरमाइंड निशांत गुप्ता जगह बदल-बदलकर यह कारोबार चला रहा था। आरोपी ‘C-B. Cricket Buzz Betting App’ और ‘RubyBet’ नामक ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म की आईडी संचालित कर रहा था।

नागपुर में किराए के मकान से संचालन

पुलिस से बचने के लिए निशांत ने अपने सहयोगियों को महाराष्ट्र के नागपुर शहर में किराए का मकान दिलाया और वहीं से ऑनलाइन सट्टा संचालित करवा रहा था। मुख्य आरोपी की निशानदेही पर दुर्ग पुलिस की विशेष टीम ने नागपुर स्थित किराए के मकान में दबिश दी, जहां ऑनलाइन सट्टा चलाते हुए 8 व्यक्तियों को रंगे हाथों पकड़ा गया।

हर महीने डेढ़ करोड़ का लेन-देन

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ऑनलाइन सट्टे में डिपॉजिट, विड्रॉल, अकाउंट संचालन, आईडी प्रबंधन और अन्य तकनीकी कार्य करते थे। इसके बदले उन्हें हर महीने लगभग 20,000 से 25,000 रुपये वेतन और अन्य सुविधाएं दी जाती थीं। हर दिन करीब 4 से 5 लाख रुपये का ऑनलाइन लेन-देन किया जाता था, जो प्रतिमाह लगभग 1.50 करोड़ रुपये तक पहुंच जाता था।

जब्त किए गए आभूषणों में करीब 15 तोला सोना और डायमंड मिश्रित जेवरात शामिल हैं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 23 लाख रुपये आंकी गई है। मामले में छावनी पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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