चीन
2 घंटे पहले
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चीन का बड़ा शक्ति प्रदर्शन
चीनी सेना ने इतिहास में पहली बार अपनी अत्यंत गुप्त और घातक हाइपरसोनिक मिसाइल डोंगफेंग-17 (DF-17) के लाइव लॉन्च का वीडियो सार्वजनिक किया है। गोबी मरुस्थल में किए गए इस युद्धाभ्यास के दौरान दिखाई गई इस मिसाइल की ताकत ने अमेरिका सहित वैश्विक शक्तियों के बीच खलबली मचा दी है। यह मिसाइल अपनी बेजोड़ गति और दिशा बदलने की क्षमता के कारण आधुनिक रक्षा प्रणालियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।
डोंगफेंग-17 की तकनीकी विशेषताएं
इस मिसाइल की क्षमताएं इसे अन्य हथियारों से अलग बनाती हैं। इसके प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
- रेंज: इस मिसाइल की मारक क्षमता 1,800 से 2,500 किलोमीटर के बीच है, जो ताइवान, जापान और दक्षिण कोरिया में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को आसानी से निशाना बना सकती है।
- स्पीड: यह मिसाइल मैक 5 से मैक 10 की रफ्तार पकड़ सकती है, जो ध्वनि की गति से 10 गुना अधिक है।
- पेलोड: मिसाइल का कुल वजन 15,000 किलोग्राम है और यह 500 से 1,000 किलोग्राम तक का वारहेड ले जाने में सक्षम है।
- लागत: रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, एक यूनिट की लागत करीब 12 से 15 मिलियन डॉलर यानी 100 से 125 करोड़ रुपये के आसपास है।
अचूक क्यों है यह मिसाइल
DF-17 की सबसे बड़ी विशेषता इसके ऊपर लगा हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल (HGV) है। पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइलें एक निश्चित रास्ते पर चलती हैं, जिन्हें आसानी से ट्रैक किया जा सकता है। इसके विपरीत, DF-17 अंतरिक्ष से लौटने के बाद हवा में सांप की तरह दिशा बदलकर दुश्मन को भ्रमित करती है। यही कारण है कि इसे अमेरिकी 'पैट्रियट' या 'थाड' (THAAD) जैसे डिफेंस सिस्टम से रोक पाना वर्तमान तकनीक के हिसाब से लगभग असंभव है।
अमेरिकी सुरक्षा के लिए खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिसाइल प्रशांत महासागर में मौजूद अमेरिकी एयरक्रॉफ्ट कैरियर के लिए एक गंभीर 'कैरियर किलर' साबित हो सकती है। बीजिंग ने इस वीडियो को जारी कर सीधे तौर पर अमेरिकी गुट और फर्स्ट आइलैंड चेन के देशों को एक कूटनीतिक चेतावनी दी है। हालांकि चीन ने अब तक इस मिसाइल का इस्तेमाल किसी वास्तविक युद्ध में नहीं किया है, लेकिन इसका लाइव वीडियो जारी करना चीन के बढ़ते सैन्य आत्मविश्वास को दर्शाता है।
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