डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान, होर्मुज स्ट्रेट को बताया अमेरिका का नया क्षेत्र विश्व एक घंटा पहले 5
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक नक्शा साझा कर होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का हिस्सा घोषित किया है, वहीं ईरान ने अपनी शर्तें पूरी होने तक इसे बंद रखने की चेतावनी दी है।

होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को सोशल मीडिया के जरिए एक नक्शा सार्वजनिक किया है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का नया इलाका बताया गया है। यह विवादित कदम ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को लेकर तनाव अपने चरम पर है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया भर में ऊर्जा की आपूर्ति के लिए सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण समुद्री गलियारों में से एक माना जाता है। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर यह नक्शा बिना किसी अतिरिक्त बयान या स्पष्टीकरण के साझा किया है। उल्लेखनीय है कि पिछले ही सप्ताह उन्होंने सार्वजनिक रूप से संकेत दिए थे कि वे जल्द ही इस समुद्री मार्ग को अमेरिकी क्षेत्र के रूप में घोषित करने का निर्णय ले सकते हैं।

ईरान की दो टूक, जब तक शर्तें पूरी नहीं, रास्ता बंद रहेगा

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने साफ कर दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट को समुद्री यातायात के लिए तब तक बंद रखा जाएगा, जब तक कि अमेरिका के साथ हुए 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) की सभी शर्तें पूरी नहीं हो जातीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मार्ग को खोलने का निर्णय पूरी तरह से विदेशी प्रतिबंधों के हटने और सैन्य अभियानों के समाप्त होने पर निर्भर है।

मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने अपनी मांगों को दोहराते हुए कहा कि जब तक अमेरिका अपने वादों को पूरा नहीं करता, तब तक जलडमरूमध्य को नहीं खोला जाएगा। इन प्रमुख शर्तों में शामिल हैं:

  • समुद्री नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाना।
  • ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति को तुरंत जारी करना।
  • ईरान के तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों को हटाना।
  • सभी मोर्चों पर धमकियों और सैन्य अभियानों को पूरी तरह समाप्त करना।

रक्षा क्षमता और कूटनीति पर ईरान का जोर

ईरान के स्पीकर ने दुश्मनों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक किसी भी प्रकार की आक्रामकता का करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन के माध्यम से मिले समय ने ईरान को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने का मौका दिया है। उनके अनुसार, इस समझौते से मिले अवसर का उपयोग ईरान ने अपनी घरेलू अर्थव्यवस्था को संभालने और अपनी रक्षा क्षमता को फिर से संगठित करने में किया है। ईरान का दावा है कि वह दुश्मन की हरकतों के अनुपात में उसे और भी बड़ी हार देने की क्षमता रखता है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता बनी रहे।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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