महाराष्ट्र में नकली दूध का बड़ा खेल, 9 करोड़ रुपये से ज्यादा का सिंथेटिक दूध हुआ जब्त महाराष्ट्र एक महीने पहले 63
महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में बड़े पैमाने पर मिलावटी दूध का रैकेट पकड़ा गया है, जहां केमिकल से तैयार लाखों लीटर दूध को बाजार में सप्लाई किया जा रहा था। इस मामले में पुलिस और खाद्य विभाग की कार्रवाई के बावजूद आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।

धाराशिव में मिलावट का खतरनाक खेल

महाराष्ट्र के धाराशिव जिले से मिलावट का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। स्थानीय पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने संयुक्त रूप से एक अभियान चलाकर भूम तालुका में चल रहे सिंथेटिक दूध बनाने के अवैध कारोबार का भांडाफोड़ किया है। इससे पहले मुंबई के दहिसर में भी इसी तरह की कार्रवाई करते हुए 470 लीटर मिलावटी दूध बरामद किया गया था। अब धाराशिव की इस घटना ने आम जनता की सेहत को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

9 करोड़ रुपये से अधिक का सिंथेटिक दूध

जांच में बरामद बिक्री रजिस्टरों की पड़ताल से पता चला है कि पिछले छह महीनों के भीतर ही लगभग 2,30,470 किलोग्राम घटिया गुणवत्ता वाले दूध पाउडर का इस्तेमाल किया गया। इस पाउडर का उपयोग करके करीब 23,04,070 लीटर नकली दूध तैयार किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे सिंथेटिक दूध का बाजार मूल्य लगभग 9 करोड़ 21 लाख 62 हजार 800 रुपये आंका गया है।

10 प्रतिशत के अनुपात में मिलावट

इस रैकेट के काम करने का तरीका बेहद खतरनाक था। आरोपी 100 लीटर असली दूध में 10 लीटर सिंथेटिक दूध मिलाते थे, जो कि 10 प्रतिशत का अनुपात बनता है। अधिकारियों को शक है कि इसी मिलावट के चलते भूम क्षेत्र के कलेक्शन सेंटर्स से महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में 2 करोड़ 30 लाख लीटर से ज्यादा मिलावटी दूध की सप्लाई की जा चुकी है। असली दूध जैसा रंग और फैट बनाए रखने के लिए इसमें डिटर्जेंट पाउडर, पाम ऑयल और बेहद खराब गुणवत्ता वाले केमिकल्स का उपयोग किया जा रहा था।

आरोपियों की तलाश में SIT गठित

पुलिस ने इस मामले में 7 लोगों के खिलाफ सख्त धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। हालांकि, घटना के 8 दिन बीत जाने के बाद भी सभी आरोपी अभी तक फरार हैं। उनकी धरपकड़ के लिए एक पुलिस इंस्पेक्टर की अगुवाई में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी SIT का गठन किया गया है, जो लगातार छापेमारी कर रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, केमिकल युक्त दूध का सेवन लीवर, किडनी और पाचन तंत्र के लिए जानलेवा हो सकता है, जो विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए घातक सिद्ध हो सकता है।

कड़ी सजा का प्रावधान

खाद्य सुरक्षा कानून के नियमों के तहत, मिलावट के ऐसे गंभीर मामलों में दोषियों को 10 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है और उन्हें उम्रकैद तक की सजा भी हो सकती है। फिलहाल पुलिस टीम फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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