क्राइम
एक घंटा पहले
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दिल्ली में एक खौफनाक वारदात का खुलासा
दिल्ली से सामने आई इस घटना ने सभी को हैरान कर दिया है। बाजार से अचानक घर लौटी शबीला खातून ने कुछ ऐसा देख लिया, जिसने उसके पति लाल बाबू को पूरी तरह से वहशी बना दिया। पत्नी की ओर से देखा गया वह नजारा उसकी मौत का कारण बन गया। इस हत्याकांड की कड़ियों को सुलझाने के लिए दिल्ली पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाला और कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी सीडीआर की मदद ली। आखिरकार, पुलिस ने लाल बाबू और उसकी प्रेमिका रुखसार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि हत्या की मुख्य वजह लाल बाबू और रुखसार के बीच चल रहा अवैध प्रेम संबंध था। दोनों शादी करना चाहते थे और शबीला उनके रास्ते की सबसे बड़ी बाधा बनी हुई थी।
घटना का दिन: 29 अगस्त का खौफनाक मंजर
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटना का ब्योरा देते हुए बताया कि 29 अगस्त को शबीला खातून अपने बच्चे के साथ घर से कुछ काम से बाहर निकली थी। इसी मौके का फायदा उठाकर लाल बाबू ने अपनी प्रेमिका रुखसार को घर बुला लिया। दोनों घर के भीतर मौजूद थे, तभी अचानक शबीला अपने घर वापस आ गई। जैसे ही शबीला ने घर के अंदर अपने पति लाल बाबू के साथ रुखसार को देखा, वह पूरी तरह से स्तब्ध रह गई और दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। अपनी पत्नी को काबू करने के लिए आरोपी लाल बाबू ने अचानक शबीला की गर्दन दबोच ली। जैसे ही शबीला ने खुद को बचाने के लिए जवाबी हमला किया, रुखसार भी बीच में कूद पड़ी। दोनों ने पूरी ताकत लगाकर शबीला को बाथरूम की ओर धकेल दिया। शबीला का सिर बाथरूम में बने ऊंचे स्लैब से टकराया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
पुलिस की जांच और साक्ष्यों का जाल
घटना वाले दिन ही शबीला के भाई ने पुलिस को सूचित किया। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो शबीला का शव घर में मिला। मृतका के शरीर पर चोट के कई गंभीर निशान मौजूद थे। हैरानी की बात यह थी कि जब पुलिस घर पहुंची, तब न तो लाल बाबू वहां मौजूद था और न ही उनका बच्चा। पुलिस का शक तुरंत लाल बाबू पर गहरा गया। पुलिस ने सबसे पहले लाल बाबू और उसके करीबियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उनके कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगालने शुरू किए। इसके साथ ही आसपास के इलाकों में लगे 300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला गया। इन फुटेज ने पुलिस को वारदात की पूरी कड़ी समझने में मदद की।
आरोपियों की फरारी और पुलिस की घेराबंदी
सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि हत्या के तुरंत बाद रुखसार ने अपने चेहरे को दुपट्टे से ढका और वहां से फरार हो गई ताकि उसकी पहचान न हो सके। दूसरी तरफ लाल बाबू अपने बच्चे को लेकर वहां से निकला। उसने एक रैपिडो राइड बुक की और सीधे नोएडा पहुंच गया। नोएडा में उसका चचेरा भाई ओसामा रहता था। पुलिस के अनुसार, लाल बाबू ने ओसामा से मुलाकात की और फिर बच्चे को लेकर बिहार के सीतामढ़ी चला गया। वहां उसने बच्चे को अपने माता-पिता के सुपुर्द कर दिया और खुद मुंबई की ओर भाग गया। पुलिस ने इस दौरान ओसामा की भूमिका की भी जांच की और पाया कि वह सीतामढ़ी में ही रुका हुआ था। पुलिस ने ओसामा को सीतामढ़ी से गिरफ्तार कर लिया। बाद में जब लाल बाबू मुंबई से वापस दिल्ली लौटा, तो पुलिस ने उसे भी धर दबोचा।
प्रेमिका की गिरफ्तारी और हत्या की साजिश
लाल बाबू से पूछताछ के बाद पुलिस को रुखसार के बारे में सुराग मिले। पुलिस ने दिल्ली के बवाना स्थित जेजे कॉलोनी में छापेमारी की और वहां से रुखसार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर में थे। लाल बाबू और रुखसार शादी करना चाहते थे, लेकिन शबीला खातून उनके बीच आ रही थी। इसी कारण दोनों ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। पुलिस का दावा है कि 29 अगस्त की वारदात इसी साजिश का परिणाम थी। वारदात को अंजाम देने के बाद, दोनों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए अलग-अलग रास्ते अपनाए, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज ने उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
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