चीन के समुद्री शिपयार्ड में भीषण हादसा, जिंदा जलने से 25 लोगों की मौत, शी जिनपिंग के प्रशासन पर उठे सवाल विश्व एक घंटा पहले 4
चीन के शियांगदाओ बेइहाई शिपयार्ड में खड़े एक मालवाहक जहाज पर लगी भीषण आग ने 25 कर्मचारियों की जान ले ली है। इस भयावह हादसे ने चीन की औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है और राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सख्त जांच के निर्देश दिए हैं।

चीन के समुद्री बेड़े में खौफनाक तांडव

समुद्र की लहरों के बीच शांत खड़ा एक विशालकाय मालवाहक जहाज अचानक मौत के जाल में बदल गया। चीन के शियांगदाओ बेइहाई शिपयार्ड में खड़ी ओशन मेलोडी नामक जहाज पर हुई इस दुखद घटना ने न केवल चीन बल्कि पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया है। इस हादसे में 25 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। यह घटना इतनी भीषण थी कि इसे देखते हुए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी विचलित हो गए। एक महीने के भीतर चीन में यह दूसरा बड़ा समुद्री हादसा है, जिसने देश के आधुनिक बुनियादी ढांचे और सुरक्षा दावों पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना का आँखों देखा हाल

यह दर्दनाक घटना गुरुवार की सुबह करीब 11:15 बजे हुई। उस समय ओशन मेलोडी जहाज पर मरम्मत और ओवरहॉलिंग का काम चल रहा था। जहाज के निचले हिस्सों में काम करते हुए कर्मचारियों को जरा भी भनक नहीं थी कि वे मौत के कितने करीब हैं। अचानक जहाज के भीतर से धुएं का गुबार उठा और देखते ही देखते आग की लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग ने किसी राक्षस की तरह पूरे जहाज को अपनी चपेट में ले लिया। उस समय जहाज पर कुल 42 कर्मचारी तैनात थे। चीख-पुकार के बीच आग ने उन 25 लोगों को जिंदा निगल लिया जो समय रहते बाहर नहीं निकल पाए।

बचाव अभियान और हताहतों की स्थिति

शिपयार्ड में लगी आग की सूचना मिलते ही इमरजेंसी टीमों और दमकल वाहनों को तुरंत मौके पर रवाना किया गया। लगभग तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर 2:30 बजे आग पर काबू पाया जा सका। रेस्क्यू टीम ने साहस दिखाते हुए 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की, लेकिन 5 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। इन घायलों को तुरंत पास के चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। आग बुझने के बाद जो मंजर सामने आया, वह दिल दहला देने वाला था। 25 कर्मचारियों की आग में झुलसकर मौके पर ही दर्दनाक मौत हो चुकी थी।

ओशन मेलोडी और शिपयार्ड का विवरण

जिस जहाज में यह भीषण आग लगी, वह ओशन मेलोडी नाम का एक भारी-भरकम बल्क कैरियर है, जिस पर लाइबेरिया का झंडा लगा था। आंकड़ों के अनुसार, इस जहाज का स्वामित्व चीनी कंपनी हुइली शिपिंग के पास है, जबकि इसका प्रबंधन युयांगकुनपेंग शंघाई शिप मैनेजमेंट द्वारा किया जा रहा था। जहाज 31 अगस्त को ही शियांगदाओ के बंदरगाह पर मरम्मत कार्य के लिए पहुंचा था। सब कुछ तय कार्यक्रम के अनुसार चल रहा था और रविवार को जहाज को वापस अपनी यात्रा पर निकलना था, लेकिन आग ने इस सफर को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। शियांगदाओ बेइहाई शिपयार्ड चीन का एक प्रमुख और विशाल औद्योगिक केंद्र है। यह परिसर करीब 815 एकड़ क्षेत्र में फैला है और 9 किलोमीटर लंबे तट को कवर करता है। यहाँ बड़े पैमाने पर वाणिज्यिक जहाजों के निर्माण और मरम्मत का काम होता है। इस हादसे के बाद शिपयार्ड के अधिकारियों ने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है और मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया है।

शी जिनपिंग का हस्तक्षेप और सख्त निर्देश

इस हादसे की गूंज बीजिंग तक पहुंच गई। चीन में आमतौर पर औद्योगिक हादसों पर शीर्ष स्तर से तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दी जाती, लेकिन मौतों की संख्या इतनी अधिक थी कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग को स्वयं मोर्चा संभालना पड़ा। सरकारी चैनल CCTV के माध्यम से उन्होंने देश भर के विभागों को कड़े निर्देश जारी किए। राष्ट्रपति ने कहा कि इस तरह के हादसों से सबक लेना अनिवार्य है और वर्कप्लेस पर सुरक्षा नियमों को कड़ाई से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने जांच के आदेश देते हुए पीड़ित परिवारों तक तत्काल मदद पहुंचाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ली कियांग ने भी इमरजेंसी टीमों को घायलों के बेहतर उपचार और फंसे हुए लोगों को प्राथमिकता के आधार पर बाहर निकालने का निर्देश दिया है। आपातकालीन प्रबंधन मंत्रालय ने एक उच्च स्तरीय जांच दल को घटनास्थल पर भेजा है ताकि हादसे के असली कारणों का पता लगाया जा सके।

सुरक्षा दावों की कलई

चीन लगातार अपने तकनीकी और औद्योगिक विकास की बातें करता है, लेकिन पिछले कुछ समय में सामने आए हादसे उसकी हकीकत बयां कर रहे हैं। गौरतलब है कि ठीक एक महीने पहले, 13 अगस्त को फुजियान प्रांत के सेंचुरी हुआहाई शिपयार्ड में भी इसी तरह का भीषण अग्निकांड हुआ था। उस हादसे में एक फायरफाइटर की जान चली गई थी। लगातार हो रहे इन हादसों ने यह साबित कर दिया है कि शिपयार्ड्स में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। अब प्रशासन आनन-फानन में सुरक्षा गाइडलाइंस को दोबारा जारी कर रहा है, लेकिन सवाल यह है कि क्या ये कागजी आदेश जमीनी हकीकत बदल पाएंगे।

शिपयार्ड में काम करना बना जानलेवा

तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि जहाजों की मरम्मत का कार्य अत्यंत जोखिम भरा होता है। वेल्डिंग, मेटल कटिंग और फ्यूल टैंक की सफाई जैसे काम एक साथ होने से जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। एक छोटी सी चिंगारी या गैस का रिसाव पूरे जहाज को आग के हवाले करने के लिए काफी होता है। अक्सर उत्पादन की गति बढ़ाने और लागत कम करने के दबाव में सुरक्षा मानकों के साथ समझौता किया जाता है। शियांगदाओ की यह त्रासदी केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि चीन के औद्योगिक सुरक्षा तंत्र की घोर विफलता का परिणाम है। राष्ट्रपति की चेतावनियों के बाद भी यह देखना बाकी है कि क्या चीन वास्तव में अपने शिपयार्ड्स को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाता है या ये फाइलें भी अन्य रिपोर्टों की तरह फाइलों में ही दबी रह जाएंगी।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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