दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्नी की हत्या कर शव को टैंक में फेंकने वाले आरोपी को राहत देने से किया इनकार दिल्ली 3 घंटे पहले 2
अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या करने और उसके शव को टुकड़े करके सेप्टिक टैंक में छिपा देने वाले आरोपी की जमानत याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय ने ठुकरा दी है।

क्रूरता के मामले में कोर्ट की सख्ती

दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक बेहद संवेदनशील और वीभत्स हत्या के मामले में आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी पर अपनी पत्नी की निर्मम हत्या करने और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसके शव के टुकड़े करके घर के सेप्टिक टैंक में फेंकने का संगीन आरोप है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यद्यपि सुनवाई में देरी जमानत के लिए एक आधार हो सकती है, लेकिन अपराध की प्रकृति इतनी गंभीर है कि वह आरोपी को राहत देने के रास्ते में आड़े आ रही है।

घटना की भयावहता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता

जस्टिस गिरिश कथपालिया ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि अदालत अपराध की गंभीरता को अनदेखा नहीं कर सकती। आरोपी की ओर से ट्रायल में हो रही देरी और पीड़िता के परिवार के बयानों में अंतर का हवाला देकर जमानत की मांग की गई थी। हालांकि, कोर्ट ने टिप्पणी की कि हत्या का तरीका अत्यंत क्रूर और अमानवीय था। शव के टुकड़े कर उसे सेप्टिक टैंक में छिपाने जैसी घटना समाज की संवेदनाओं को झकझोरने वाली है, इसलिए आरोपी को जमानत देना उचित नहीं है।

पुलिस के सामने हुआ था सनसनीखेज खुलासा

अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला साल 2019 में दर्ज किया गया था। आश्चर्यजनक रूप से, आरोपी स्वयं पुलिस थाने पहुंचा था और उसने पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल कर लिया था। उसने बताया कि किस तरह उसने पत्नी की हत्या की और फिर शव को खुर्द-बुर्द करने के लिए उसे काट कर सेप्टिक टैंक में ठिकाने लगा दिया। लगभग उसी समय, पीड़िता के भाई ने भी पुलिस को PCR कॉल के जरिए घटना की सूचना दी और बताया कि उसकी बहन की हत्या कर दी गई है और शव टैंक से बरामद हुआ है, जिसके बाद पुलिस ने विधिवत FIR दर्ज की थी।

दहेज प्रताड़ना का भी आरोप

पीड़िता के भाई ने अपनी शिकायत में गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने बताया कि मृतक महिला ने तीन बेटियों को जन्म दिया था, जिसके बाद से ही आरोपी और उसके परिवार वाले महिला को लगातार प्रताड़ित करने लगे थे। पीड़िता के मायके वालों का आरोप है कि पति और ससुराल पक्ष के लोग महिला से दहेज की मांग कर रहे थे, जिसके चलते यह दुखद अंत हुआ।

दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्य

आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि पीड़िता की मां और भाई के बयानों में भारी विरोधाभास है और मामला काफी धीमी गति से चल रहा है। वहीं, सरकारी वकील ने इन तर्कों का कड़ा विरोध किया। अभियोजन ने कोर्ट को बताया कि मामले में ठोस सबूत मौजूद हैं। पुलिस ने खून से सने उस हथियार को भी बरामद कर लिया है, जिसका इस्तेमाल शव काटने के लिए किया गया था। साथ ही, पीड़िता के कपड़े और आभूषण भी जब्त कर लिए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच भी पूरी हो चुकी है, जो आरोपी के खिलाफ कड़ी गवाही देते हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने आरोपी की याचिका को खारिज कर दिया।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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