देश का 'वॉटर टावर' कहलाने वाले उत्तराखंड की राजधानी में पानी की किल्लत, देहरादूनवासी बोले- जमाना बदल गया उत्तराखंड 3 महीने पहले 53
जिस उत्तराखंड को देश का 'वॉटर टावर' कहा जाता है, उसी की राजधानी देहरादून से प्राकृतिक जल स्रोत लगभग गायब हो गए हैं और अब एक घूंट पानी के लिए भी जेब ढीली करनी पड़ती है।

कभी देहरादून में गर्मियों की पहचान यहां की नहरें, प्राकृतिक जल स्रोत, रिस्पना और बिंदाल जैसी नदियां तथा बाजारों में राहगीरों की प्यास बुझाने वाले प्याऊ हुआ करते थे। लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। जिस उत्तराखंड को देश का 'वॉटर टावर' कहा जाता है, उसी की राजधानी से पानी के स्रोत लगभग लुप्त हो चुके हैं।

प्याऊ की जगह अब वॉटर एटीएम

लोगों की प्यास बुझाने के लिए सरकार ने बाजारों में 'वॉटर बैंक' यानी वॉटर एटीएम तो लगवा दिए हैं, लेकिन यहां एक घूंट पानी पाने के लिए भी जेब ढीली करनी पड़ती है। मुफ्त में पानी पिलाने की पुरानी परंपरा अब कहीं पीछे छूटती दिख रही है।

'पहले पानी पिलाना पुण्य का काम था'

देहरादून के रहने वाले डॉ. प्रेमचंद शर्मा का कहना है कि अब समय पूरी तरह बदल चुका है। उन्होंने बताया कि पहले गर्मियों में राहगीरों को पानी पिलाना पुण्य का काम माना जाता था, लेकिन आज वही पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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