बुर्किना फासो में बड़ा बदलाव, फिर से लागू हुई मौत की सजा और ब्यूटी कॉन्टेस्ट पर लगा बैन विश्व एक घंटा पहले 5
पश्चिमी अफ्रीकी देश बुर्किना फासो की सैन्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए मृत्युदंड को दोबारा बहाल कर दिया है और साथ ही ब्यूटी प्रतियोगिताओं पर रोक लगा दी है। सरकार का दावा है कि ये फैसले देश की सुरक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित करने के लिए लिए गए हैं।

सैन्य सरकार का सख्त कदम

पश्चिम अफ्रीका के बुर्किना फासो में इन दिनों बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। वहां की सैन्य सरकार ने देश की कानूनी और सामाजिक व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने का काम शुरू कर दिया है। सरकार ने एक तरफ गंभीर अपराधों के लिए मौत की सजा के प्रावधान को दोबारा बहाल कर दिया है, तो दूसरी तरफ ब्यूटी कॉन्टेस्ट यानी सौंदर्य प्रतियोगिताओं के आयोजन पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। प्रशासन का कहना है कि ये कदम राष्ट्र की संप्रभुता, शांति और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए बहुत जरूरी हैं। हालांकि, इन फैसलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मानवाधिकार संगठनों के बीच बहस छिड़ गई है।

मृत्युदंड की वापसी से हड़कंप

बुर्किना फासो की अंतरिम संसद ने हाल ही में एक नए आपराधिक कानून को अपनी मंजूरी दे दी है। इस नए कानून के लागू होने के साथ ही देश में एक बार फिर से मौत की सजा का प्रावधान वापस आ गया है। इस कानून का मुख्य निशाना आतंकवाद, देशद्रोह और जासूसी जैसे जघन्य अपराध हैं। आपको बता दें कि इससे पहले देश में लंबे समय से मृत्युदंड पर पूरी तरह रोक लगी हुई थी। आंकड़ों के अनुसार, इस नए विधेयक के पक्ष में संसद के सभी 71 सदस्यों ने मतदान किया। इस निर्णय ने साल 2018 में मृत्युदंड को खत्म करने के लिए उठाए गए कदमों को पूरी तरह पलट दिया है। उल्लेखनीय है कि बुर्किना फासो में आखिरी बार किसी अपराधी को फांसी दिए जाने की घटना साल 1988 में दर्ज की गई थी।

क्यों लगी ब्यूटी कॉन्टेस्ट पर रोक

मृत्युदंड के अलावा सरकार ने एक और बड़ा निर्णय लेते हुए ब्यूटी प्रतियोगिताओं के आयोजन को प्रतिबंधित कर दिया है। देश के संचार, संस्कृति, कला और पर्यटन मंत्रालय ने यह आदेश जारी किया है कि अब पूरे देश में किसी भी स्तर पर राष्ट्रीय या स्थानीय ब्यूटी कॉन्टेस्ट का आयोजन नहीं होगा। अधिकारियों का तर्क है कि ये प्रतियोगिताएं देश की सामाजिक गरिमा और सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप होनी चाहिए। जब तक कि सरकार इन आयोजनों के लिए कोई नया और बेहतर दिशा-निर्देश तैयार नहीं कर लेती, तब तक किसी भी नए कार्यक्रम को हरी झंडी नहीं दी जाएगी।

सरकार का तर्क और अन्य प्रयास

न्याय मंत्री एडासो रोड्रिग बयाला ने सरकार के इस फैसले का कड़ा बचाव किया है। उन्होंने साफ कहा कि आतंकवाद जैसी चुनौतियों से निपटने और राष्ट्रीय सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए कठोर दंड का प्रावधान होना अनिवार्य है। वहीं, ब्यूटी पेजेंट्स पर प्रतिबंध के बीच सरकार ने महिलाओं को शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए एक अलग राह चुनी है। हाल ही में सरकार ने 'हाकिली मूसो' (HAKILI Mousso) नामक एक राष्ट्रीय विज्ञान प्रतियोगिता का शुभारंभ किया है। इस पहल के माध्यम से गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञान के क्षेत्रों में युवा महिलाओं की प्रतिभा को निखारा जा रहा है।

बदलाव का दौर

बुर्किना फासो में हो रहे इन बदलावों को कैप्टन इब्राहिम ट्राओरे के नेतृत्व वाली सरकार के शासनकाल से जोड़कर देखा जा रहा है। कैप्टन इब्राहिम ट्राओरे ने सितंबर 2022 में एक तख्तापलट के जरिए देश की सत्ता संभाली थी। तब से ही देश की कानूनी और सामाजिक संरचना में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। हालांकि, इन फैसलों पर कई मानवाधिकार संगठनों ने चिंता व्यक्त की है, लेकिन सरकार इसे देश के सामाजिक मूल्यों और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का एक जरूरी हिस्सा मान रही है। आने वाले दिनों में इन फैसलों का देश के राजनीतिक और सामाजिक परिवेश पर क्या असर पड़ता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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