राष्ट्रीय राजनीति
एक घंटा पहले
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अमेरिका में हत्थे चढ़ा खूंखार अपराधी
दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों में दहशत का पर्याय बन चुका कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया है। अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने उसे अमेरिका में गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से हिमांशु भाऊ के बारे में अलग-अलग देशों में छिपे होने की खबरें आ रही थीं, लेकिन अब उसकी गिरफ्तारी की आधिकारिक सूचना ने सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी राहत दी है। इससे पहले उसके पुर्तगाल में होने की चर्चाएं तेज थीं, लेकिन अमेरिकी एजेंसियों की कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि वह वहां अपनी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश कर रहा था।
इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस और कानूनी कार्रवाई
हिमांशु भाऊ के अपराधों की गंभीरता को देखते हुए साल 2023 में इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। इसके बाद से ही वह एक देश से दूसरे देश भागते हुए अपनी पहचान छुपाने की जुगत में लगा था। उस पर हत्या, हत्या का प्रयास, रंगदारी वसूलना और लोगों को जान से मारने की धमकियां देने जैसे दर्जनों गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। अब उसकी गिरफ्तारी के बाद भारतीय एजेंसियां उसे प्रत्यर्पित करवाकर भारत लाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू करेंगी ताकि उस पर यहां के कानून के मुताबिक मुकदमा चलाया जा सके।
अपराध जगत का 'दाऊद इब्राहिम'
हिमांशु भाऊ की दहशत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई लोग उसे दिल्ली-एनसीआर के अपराध जगत का 'दाऊद इब्राहिम' भी कहते हैं। विदेश में बैठकर वह भारत में अपना पूरा नेटवर्क चला रहा था। वह न केवल अपने गुर्गों के जरिए वारदातों को अंजाम दिलवाता था, बल्कि सोशल मीडिया और फोन के माध्यम से भी लोगों में खौफ पैदा करने का काम करता था। एनआईए (NIA), दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, एसटीएफ और हरियाणा पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में उसका नाम काफी ऊपर है।
गिरफ्तारी के बाद क्या उम्मीदें हैं?
हिमांशु भाऊ के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पिछले कुछ समय में उसके कई करीबी गुर्गों को भारतीय पुलिस और सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार किया है। उन गुर्गों से हुई पूछताछ में यह साफ हो गया था कि गैंग का मुख्य संचालन विदेश में बैठे हिमांशु द्वारा किया जा रहा है। अब जब वह अमेरिका में हिरासत में है, तो इससे उसके आपराधिक सिंडिकेट, अवैध कमाई के स्रोतों और अन्य सहयोगियों के बारे में बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है। भारत लाए जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियां उससे गहन पूछताछ करेंगी ताकि इस पूरे सिंडिकेट की कमर तोड़ी जा सके।
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