राष्ट्रीय राजनीति
एक घंटा पहले
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अमेरिका में दबोचा गया वांटेड गैंगस्टर
दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में आतंक का दूसरा नाम बन चुका गैंगस्टर हिमांशु भाऊ आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया है। उसे अमेरिका के लास वेगास शहर से गिरफ्तार किया गया है। हिमांशु भाऊ पर हत्या, जबरन वसूली, जान से मारने की धमकी देने और घरों पर फायरिंग करवाने जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। उसे हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर का दाऊद इब्राहिम भी कहा जाता है, जिससे उसकी आपराधिक पहुंच का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कैसे हुई हिमांशु भाऊ की गिरफ्तारी?
हिमांशु भाऊ की गिरफ्तारी एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा थी। सूत्रों के अनुसार, हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को उसके ठिकाने के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी। इस इनपुट को तुरंत केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से अमेरिकी अधिकारियों के साथ साझा किया गया। इसी सटीक सूचना के आधार पर अमेरिका की इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) एजेंसी हरकत में आई और उसने गैंगस्टर को लास वेगास से दबोच लिया।
एजेंसी की भूमिका और कानूनी प्रक्रिया
इस पूरी कार्रवाई में अमेरिका की एनफोर्समेंट एंड रिमूवल ऑपरेशंस (ERO) डिवीजन ने मुख्य भूमिका निभाई। यह विभाग विशेष रूप से इमिग्रेशन कानूनों के उल्लंघन करने वालों को हिरासत में लेने और उन्हें वापस भेजने के लिए अधिकृत है। अब हिमांशु भाऊ की गिरफ्तारी के बाद भारत की सुरक्षा एजेंसियां और हरियाणा पुलिस उसे वापस लाने यानी प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने में जुट गई हैं। भारतीय अधिकारी अमेरिकी प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं ताकि उसे जल्द से जल्द भारत लाया जा सके।
लॉरेंस बिश्नोई का कट्टर दुश्मन
हिमांशु भाऊ को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता है। गौरतलब है कि विदेश में बैठे अपराधी इन दिनों भारत में अपराध जगत को संचालित कर रहे हैं। हाल ही में टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की घटना हो या फिर एल्विश यादव के घर पर हमला, इन सभी वारदातों में विदेशों में बैठे गैंगस्टर्स का हाथ सामने आया है। हिमांशु भाऊ का नाम भी उन अपराधियों की सूची में सबसे ऊपर था जो इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए अपना नेटवर्क चला रहे थे। अब उसके गिरफ्तार होने से भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी राहत मिली है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उसे भारत लाने में कितना समय लगेगा।
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