राजस्थान
2 घंटे पहले
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दौसा में सनसनीखेज वारदात का खुलासा
राजस्थान के दौसा जिले के मेहंदीपुर बालाजी थाना क्षेत्र में बीते दिनों एक अज्ञात युवती का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। अब पुलिस ने इस हत्याकांड का सफल खुलासा करते हुए दो आरोपियों को धर दबोचा है। पुलिस की कड़ी मेहनत और तकनीकी जांच के बाद यह पता चला है कि हत्या की यह पूरी साजिश एक प्रेम संबंध के कारण रची गई थी। मृतका का शव 17 अगस्त को मोरा माता मंदिर की पहाड़ी के पास झाड़ियों में पाया गया था, जिससे स्थानीय लोगों में भारी दहशत फैल गई थी।
आरोपियों की गिरफ्तारी और इनाम
पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के निवासी गजेन्द्र उर्फ सोनू मीणा और उसके साथी विवेक मीणा को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने युद्धस्तर पर जांच शुरू की थी और अंततः सफलता हासिल की। आरोपियों ने पुलिस पूछताछ के दौरान अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।
शव की शिनाख्त बनी चुनौती
घटना के दिन जब पुलिस को मोरा माता मंदिर की पहाड़ी पर करीब 22 वर्षीय युवती का शव मिला, तो उसकी पहचान करना सबसे बड़ी चुनौती थी। युवती ने पीले रंग का सूट और सफेद सलवार पहन रखी थी। चूंकि घटनास्थल पर कोई दस्तावेज या मोबाइल फोन बरामद नहीं हुआ और चेहरे पर गंभीर चोटें होने के कारण पहचान करना कठिन था, इसलिए पुलिस ने बड़े स्तर पर अभियान चलाया। सूचना को राजस्थान के सात जिलों, जिनमें जयपुर, अलवर, करौली, सवाई माधोपुर, डीग, भरतपुर और धौलपुर शामिल थे, के अलावा उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में प्रसारित किया गया। पुलिस ने हर बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, होटल और धर्मशाला में मृतका की तस्वीरें चस्पा कर आमजन से मदद मांगी, जिसके परिणामस्वरूप अंततः उसकी पहचान संभव हो सकी।
1000 सीसीटीवी और 700 किलोमीटर की दौड़
हत्यारों तक पहुंचने के लिए दौसा पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। पुलिस टीम ने मंदिर क्षेत्र से लेकर प्रमुख सड़कों, टोल बूथों और सार्वजनिक स्थलों पर लगे करीब 1000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। इस जांच प्रक्रिया के दौरान पुलिस टीम ने दिन-रात मेहनत करते हुए करीब 700 किलोमीटर का सफर तय किया। इसके अलावा साइबर सेल की मदद से टावर डंप और मोबाइल डेटा का विश्लेषण किया गया, जिससे संदिग्धों की लोकेशन और उनकी गतिविधियों का सटीक पता चला।
शादी बनी हत्या की वजह
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी गजेन्द्र उर्फ सोनू मीणा के मृतका के साथ लंबे समय से अवैध संबंध थे। हालांकि, करीब तीन माह पहले गजेन्द्र ने किसी अन्य युवती से शादी कर ली थी। पुलिस के मुताबिक, शादी के बाद मृतका उस पर शादी करने का निरंतर दबाव बना रही थी, जिससे परेशान होकर आरोपी ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। गजेन्द्र ने अपने साथी विवेक मीणा के साथ मिलकर युवती को बाइक पर मेहंदीपुर बालाजी के सुनसान पहाड़ी इलाके में बुलाया और वहां बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। शव को झाड़ियों में छिपाने के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए थे।
अधिकारियों का निर्देशन और आगे की कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई जयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राहुल प्रकाश और दौसा के पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित के कुशल निर्देशन में संपन्न हुई। मामले की निगरानी के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और मानपुर के डीएसपी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया था। मेहंदीपुर बालाजी थाना प्रभारी सचिन कुमार शर्मा ने इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व किया। पुलिस का कहना है कि अभी भी पूछताछ जारी है ताकि हत्या से संबंधित अन्य तथ्यों और सबूतों को पूरी तरह से जुटाया जा सके और अदालत में एक मजबूत चालान पेश किया जा सके।
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