उपनाम: डीएपी खाद
डीएपी की कमी से न हो परेशान, इन विकल्पों को अपनाकर धान की पैदावार में करें 15 से 20 प्रतिशत तक का इजाफा
खरीफ सीजन में धान की खेती के लिए अगर बाजार में डीएपी खाद की उपलब्धता नहीं है, तो किसान टीएसपी जैसे बेहतरीन विकल्पों को अपनाकर अपनी फसल को समृद्ध बना सकते हैं।
धान में DAP का खर्च घटेगा आधा! ₹50 किलो वाला यह आजमाया नुस्खा बढ़ाएगा पैदावार
धान की रोपाई में महंगी फास्फेटिक खाद का बड़ा हिस्सा मिट्टी में बेकार जम जाता है। पीएसबी बैक्टीरिया इस जमी हुई खाद को घोलकर पौधों तक पहुंचाता है और मात्र 500 रुपये के खर्च में हजारों की बचत कराता है।
चेतावनी! खेतों में डीएपी का अत्यधिक प्रयोग बना रहा है जमीन को बंजर, इन उपायों से बढ़ाएं मिट्टी की उर्वरता
अधिक उपज की चाह में यूरिया और डीएपी के बेतहाशा इस्तेमाल से उपजाऊ खेत बंजर हो रहे हैं। कृषि विशेषज्ञ के अनुसार डीएपी से जमीन के भीतर बनने वाली कठोर परत फसल की पैदावार घटा रही है।
सफेद कद्दू से तैयार होता है आगरा का प्रसिद्ध पेठा, कम लागत की खेती से किसान कमा रहे मोटा मुनाफा
आगरा के किसान तुलाराम के अनुसार बीज बोने के करीब 50 दिन बाद कद्दू निकलना शुरू हो जाता है और जैविक खेती व डीएपी खाद से फसल बेहतर होती है। सफेद कद्दू से बनने वाला पेठा मुगलकाल से दुनियाभर में मशहूर है।