नकली डिग्री मिली तो होगी सीधी कार्रवाई! MP में डॉक्टरों के दस्तावेजों की होगी गहन पड़ताल, हर रिकॉर्ड खंगाला जाएगा मध्य प्रदेश 3 महीने पहले 47
दमोह के फर्जी डॉक्टर मामले के बाद मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेशभर में 2 हजार से अधिक संविदा डॉक्टरों की डिग्री, मेडिकल रजिस्ट्रेशन और शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। फर्जी डिग्री या गलत रजिस्ट्रेशन मिलने पर एफआईआर और सेवा समाप्ति की कार्रवाई होगी।

मध्य प्रदेश के दमोह जिले में उजागर हुए फर्जी डॉक्टर प्रकरण के बाद राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने पूरे प्रदेश में एक बड़ा सत्यापन अभियान छेड़ दिया है। इस अभियान के दायरे में 2 हजार से अधिक संविदा डॉक्टर आ रहे हैं, जिनकी डिग्री, मेडिकल रजिस्ट्रेशन और दूसरे शैक्षणिक दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

विभाग का साफ इरादा है कि सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में काम कर रहा हर डॉक्टर पूरी तरह योग्य और वैध हो। इसी मकसद से सभी डॉक्टरों के रिकॉर्ड एक बार फिर विस्तार से देखे जा रहे हैं और उनका मिलान संबंधित संस्थानों से कराया जा रहा है।

जांच में क्या-क्या देखा जा रहा है

पड़ताल के दौरान यह जांचा जा रहा है कि संबंधित डॉक्टर ने किस मेडिकल कॉलेज से शिक्षा हासिल की है, उसकी डिग्री किस वर्ष में पूरी हुई और मेडिकल काउंसिल में उसका पंजीयन कब हुआ। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि वह इस समय किस अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ है और उसकी सेवा से जुड़ी जानकारी सही है या नहीं।

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी तरह की गड़बड़ी या फर्जीवाड़े की गुंजाइश न रहे। हाल में सामने आए फर्जी डॉक्टर कांड के बाद मामला और गंभीर हो गया, जिसके चलते पूरे तंत्र को दोबारा परखने का फैसला लिया गया।

फर्जी डिग्री वालों पर सख्ती

अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर किसी डॉक्टर के दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, फर्जी डिग्री या गलत रजिस्ट्रेशन सामने आता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसी स्थिति में संबंधित डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज होगी और उसकी सेवाएं तत्काल समाप्त कर दी जाएंगी।

मरीजों के भरोसे को बचाने की कोशिश

इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य यही है कि मरीजों को सही और सुरक्षित इलाज मिले तथा स्वास्थ्य सेवाओं पर जनता का विश्वास कायम रहे। सरकार यह तय करना चाहती है कि सरकारी संस्थानों में सेवाएं केवल योग्य और असली डॉक्टर ही दें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप